Imam Ibnu Majah : 4055
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ وَنَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ وَهَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْحَمَّالُ قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سُوقَةَ سَمِعَ نَافِعَ بْنَ جُبَيْرٍ يُخْبِرُ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ قَالَتْذَكَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْجَيْشَ الَّذِي يُخْسَفُ بِهِمْ فَقَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ يَا رَسُولَ اللَّهِ لَعَلَّ فِيهِمْ الْمُكْرَهَ قَالَ إِنَّهُمْ يُبْعَثُونَ عَلَى نِيَّاتِهِمْ
हमसे [मुहम्मद बिन अस शबाह] अऊर [नशर बिन अली] अऊर [हारून बिन अब्दुल्लाह अल हम्मल] बतावा गा है कि उइ कहिन; हमसे [सुफयान बिन 'उयैना] [मुहम्मद बिन सुकाह] से कहिन है, उ सुनिन कि [नफी' बिन जुबैर] [उम्मू सलामा] से रिपोर्ट किहिन रहैं, उ कहिन, 'नबी सल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार डूब गए सैनिकन का जिक्र किहिन, तौ उम्म सलामह ने पूछा, 'हे रामसुलुल्लाह, ओनके बारे मा का रहा, जेनके लिए का रहा?' उ जवाब दिहिस: 'उनके इरादा के अनुसार ओनका पुनर्जीवित कीन जाई'।