Imam Ibnu Majah : 4032
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنِي بُسْرُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ حَدَّثَنِي أَبُو إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيُّ حَدَّثَنِي عَوْفُ بْنُ مَالِكٍ الْأَشْجَعِيُّ قَالَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ وَهُوَ فِي خِبَاءٍ مِنْ أَدَمٍ فَجَلَسْتُ بِفِنَاءِ الْخِبَاءِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ادْخُلْ يَا عَوْفُ فَقُلْتُ بِكُلِّي يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِكُلِّكَ ثُمَّ قَالَ يَا عَوْفُ احْفَظْ خِلَالًا سِتًّا بَيْنَ يَدَيْ السَّاعَةِ إِحْدَاهُنَّ مَوْتِي قَالَ فَوَجَمْتُ عِنْدَهَا وَجْمَةً شَدِيدَةً فَقَالَ قُلْ إِحْدَى ثُمَّ فَتْحُ بَيْتِ الْمَقْدِسِ ثُمَّ دَاءٌ يَظْهَرُ فِيكُمْ يَسْتَشْهِدُ اللَّهُ بِهِ ذَرَارِيَّكُمْ وَأَنْفُسَكُمْ وَيُزَكِّي بِهِ أَعْمَالَكُمْ ثُمَّ تَكُونُ الْأَمْوَالُ فِيكُمْ حَتَّى يُعْطَى الرَّجُلُ مِائَةَ دِينَارٍ فَيَظَلَّ سَاخِطًا وَفِتْنَةٌ تَكُونُ بَيْنَكُمْ لَا يَبْقَى بَيْتُ مُسْلِمٍ إِلَّا دَخَلَتْهُ ثُمَّ تَكُونُ بَيْنَكُمْ وَبَيْنَ بَنِي الْأَصْفَرِ هُدْنَةٌ فَيَغْدِرُونَ بِكُمْ فَيَسِيرُونَ إِلَيْكُمْ فِي ثَمَانِينَ غَايَةٍ تَحْتَ كُلِّ غَايَةٍ اثْنَا عَشَرَ أَلْفًا
हमसे कहिन [अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम] हमसे कहिन हैं [अल वलिद बिन मुस्लिम] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्ला बिन अल 'अला] हमसे कहिन हैं [बुसर बिन उबैदुल्लाह] हमसे कहिन हैं [अबू इदरीस अल खौलानी] हमसे कहिन हैं ['औफ बिन मलिक अल असीजाई] उ कहिन, इलुसुलुल्लाह सल्लाहुल्लाह अलैहि पर कैम वसल्लम जब उ तबुक युद्ध मा भाग लिहिन। वहि समय ऊ चमड़ा के बने डेरा मा रहा, फिर मैं डेरा के सामने बैठा। फिर कहिन: 'अन्दर आओ, हे औफ! ' हम पूछेन, 'अपने पूरे शरीर से, हे अल्लाह के रसूल?' उ जवाब दिहिन: 'हाँ, अपने पूरे शरीर से'। फिर कहिन: 'हे औफ, याद रखौ कि क़यामत के छः चिन्हिन मा से एक चिन्ह मोर मृत्यु है'। फिर उ आगे कहिन: 'फिर बैतुल मकदीस के नियंत्रण - गैर मुसलमानन द्वारा - आपके बीच एक घातक बीमारी प्रकट भै, जेहिसे अल्लाह आपके बच्चन अऊर आपके खुद का मार डारिस अऊर आपके कामन का साफ कइ दिहिस। तब तुम्हारे पास जो धन है, वह एतना प्रचुर होगा, कि भले ही उसे सौ दीनार दिए गए हैं, फिर भी क्रोधित रहेगा - कमी के कारण -, और आपके बीच में एक बदनामी होगी कि मुसलमान घरन में एकौ घर न बचे जब तक कि ई - बदनामी - घुस न जाय। तब तोहरे और बानी अशफर के बीच युद्धविराम होई, तब तोहरे साथ धोखा करिहैं। अस्सी युद्ध झंडा लइके तोहरे ऊपर हमला करै आवै, अऊर हर झंडा मा बारह हजार सैनिक होइहैं'।