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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ibnu Majah : 3800

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ الْحِزَامِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو يَحْيَى زَكَرِيَّا بْنُ مَنْظُورٍ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عُقْبَةَ بْنِ أَبِي مَالِكٍ عَنْ أُمِّ هَانِئٍ قَالَتْأَتَيْتُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ دُلَّنِي عَلَى عَمَلٍ فَإِنِّي قَدْ كَبِرْتُ وَضَعُفْتُ وَبَدُنْتُ فَقَالَ كَبِّرِي اللَّهَ مِائَةَ مَرَّةٍ وَاحْمَدِي اللَّهَ مِائَةَ مَرَّةٍ وَسَبِّحِي اللَّهَ مِائَةَ مَرَّةٍ خَيْرٌ مِنْ مِائَةِ فَرَسٍ مُلْجَمٍ مُسْرَجٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَخَيْرٌ مِنْ مِائَةِ بَدَنَةٍ وَخَيْرٌ مِنْ مِائَةِ رَقَبَةٍ

हमसे कहिन [इब्राहिम बिन अल मुंडज़िर अल हिजामी] हमसे कहिन हैं [अबू याह्या जकारिया बिन मंदज़ूर] हमसे [मुहम्मद बिन उकबाह बिन अबू मलिक] [उम्मू हानी`] से कहिन हैं; 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गय अऊर पूछेव; 'हे अल्लाह के रसूल, एक अभ्यास के बारे मा बतावा, काहे से कि वास्तव मा मैं बूढ़ा होइ गय हउँ अऊर मैं कमजोर होइ गय हउँ अऊर मोर शरीर मोटा होइ गय हउँ'। उ कहिन: 'अल्लाह से सौ बार नमाज करौ, अऊर अल्लाह से सौ बार नमाज करौ, अऊर सौ बार अल्लाह का महिमा करौ, तब ई सब सौ घोड़न से अच्छा है, जेका अल्लाह के राह मा लड़ै के लिए दीन जात है। अऊर सौ मोटा ऊँट से अच्छा, अऊर सौ दास दास आजाद करै से अच्छा।