Wanita yang melepas pakaiannya di luar rumah dia telah melepaskan tabir antara dirinya dengan Allah
Imam Ibnu Majah : 3740
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ الْهُذَلِيِّأَنَّ نِسْوَةً مِنْ أَهَلْ حِمْصَ اسْتَأْذَنَّ عَلَى عَائِشَةَ فَقَالَتْ لَعَلَّكُنَّ مِنْ اللَّوَاتِي يَدْخُلْنَ الْحَمَّامَاتِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ أَيُّمَا امْرَأَةٍ وَضَعَتْ ثِيَابَهَا فِي غَيْرِ بَيْتِ زَوْجِهَا فَقَدْ هَتَكَتْ سِتْرَ مَا بَيْنَهَا وَبَيْنَ اللَّهِ
हमसे कहिन है [अली बिन मुहम्मद] हमसे [वाकी'] से [सुफयान] से [मंसूर] से [सलीम बिन अबू अल जाद] से [अबू अल मलिह अल हुडजाली] से कहिन है कि हिमशा लोगन के औरतन ने एक बार ['असियाह] से मिले के अनुमति माँगी रही, तौ उ कहिन; 'शायद तुम औरत हौ जेका सार्वजनिक स्नान मा घुसब पसंद है, हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'जो औरत अपने पति के घर के अलावा कहीं अउर कपड़ा रखत है, ऊ अपने अऊर अल्लाह के बीच के पर्दा का बर्बाद कइ दिहिस है'।