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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Mendoakan salah seorang dari keduanya, kemudian bersabda: orang ini telah memuji Allah 'Azza Wajalla, sedang yang itu tidak memuji Allah

Imam Ibnu Majah : 3703

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَعَطَسَ رَجُلَانِ عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَشَمَّتَ أَحَدَهُمَا أَوْ سَمَّتَ وَلَمْ يُشَمِّتْ الْآخَرَ فَقِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَطَسَ عِنْدَكَ رَجُلَانِ فَشَمَّتَّ أَحَدَهُمَا وَلَمْ تُشَمِّتْ الْآخَرَ فَقَالَ إِنَّ هَذَا حَمِدَ اللَّهَ وَإِنَّ هَذَا لَمْ يَحْمَدْ اللَّهَ

हमसे कहिन है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे [यजीद बिन हारून] से [सुलेमान अत तैमी] से [अनस बिन मलिक] कहिन हैं; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बगल मा दुइ मनई छींकत रहें, फिर ओनमा से एक ने उनके लिए دعا की लेकिन दूसर ने उनकी دعا का जवाब नाहीं दिहिस, तौ उनसे पूछा गा; 'हे अल्लाह के रसूल, दुइ मनई रहे जे छींकिन, फिर ओनमा से एक ने उनके लिए دعا की, लेकिन दूसर ने उनकी دعا का जवाब नाहीं दिहिस'। तौ उ जवाब दिहिन: 'वास्तव मा, एक - यानी जे नमाज पढ़िस - अल्लाह के स्तुति किहिस है, लेकिन दूसरा - जे ओकर नमाज का जवाब नाहीं दिहिस - अल्लाह के स्तुति नाहीं किहिस'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11524, 11723, 18865
Imam Bukhari : 5753, 5757
Imam Muslim : 5307, 5308
Imam Tirmidzi : 2666
Imam Ibnu Majah : 3703
Imam Darimi : 2545