Ibumu, ibumu, ibumu, kemudian ayahmu
Imam Ibnu Majah : 3648
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَيْمُونٍ الْمَكِّيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ عُمَارَةَ بْنِ الْقَعْقَاعِ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ مَنْ أَبَرُّ قَالَ أُمَّكَ قَالَ ثُمَّ مَنْ قَالَ أُمَّكَ قَالَ ثُمَّ مَنْ قَالَ أَبَاكَ قَالَ ثُمَّ مَنْ قَالَ الْأَدْنَى فَالْأَدْنَى
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन मैमून अल मक्की] हमसे कहिन है [सुफयान बिन 'उयैना] से ['उमाराह बिन अल का'का'] से [अबू ज़ुरअह] से [अबू हुरैराह] उ कहिन, 'साथियन ने पूछा, 'हे अल्लाह के रसूल, कौन व्यक्ति है - लायक - मोर सेवा करै के लिए?' ऊ कहिस: 'तोहार महतारी'। अबू हुरैरा ने फिर पूछा, 'फिर कौन?' उ जवाब दिहिस: 'तोहार महतारी'। ऊ फिर पूछिस- 'फिर कौन?' उ जवाब दिहिस: 'तोहार महतारी'। ऊ फिर पूछिस- 'फिर अउर के?' उ जवाब दिहिस: 'तुम्हार बाप'। ऊ फिर पूछिस- 'फिर कौन?' उ जवाब दिहिन: 'उनके नीचे वाले लोग अऊर वइसने'।