Bolehnya memakai bejana Ahli Kitab setelah dicuci bila tidak ada bejana lain
Imam Ibnu Majah : 3198
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ حَدَّثَنِي رَبِيعَةُ بْنُ يَزِيدَ أَخْبَرَنِي أَبُو إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيُّ عَنْ أَبِي ثَعْلَبَةَ الْخُشَنِيِّ قَالَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا بِأَرْضِ أَهْلِ كِتَابٍ نَأْكُلُ فِي آنِيَتِهِمْ وَبِأَرْضِ صَيْدٍ أَصِيدُ بِقَوْسِي وَأَصِيدُ بِكَلْبِي الْمُعَلَّمِ وَأَصِيدُ بِكَلْبِي الَّذِي لَيْسَ بِمُعَلَّمٍ قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَّا مَا ذَكَرْتَ أَنَّكُمْ فِي أَرْضِ أَهْلِ كِتَابٍ فَلَا تَأْكُلُوا فِي آنِيَتِهِمْ إِلَّا أَنْ لَا تَجِدُوا مِنْهَا بُدًّا فَإِنْ لَمْ تَجِدُوا مِنْهَا بُدًّا فَاغْسِلُوهَا وَكُلُوا فِيهَا وَأَمَّا مَا ذَكَرْتَ مِنْ أَمْرِ الصَّيْدِ فَمَا أَصَبْتَ بِقَوْسِكَ فَاذْكُرْ اسْمَ اللَّهِ وَكُلْ وَمَا صِدْتَ بِكَلْبِكَ الْمُعَلَّمِ فَاذْكُرْ اسْمَ اللَّهِ وَكُلْ وَمَا صِدْتَ بِكَلْبِكَ الَّذِي لَيْسَ بِمُعَلَّمٍ فَأَدْرَكْتَ ذَكَاتَهُ فَكُلْ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] हमसे कहिन है [अदल दलाहक बिन मखलाद] हमसे कहिन है [हैवाह बिन सुरैह] हमसे कहिन है [रबीअह बिन यजीद] हमसे [अबू इदरीस अल खौलानी] [अबू त्सालाबाह अल खुस्यानी] से कहिन है, उ कहिन, 'मैं सल्लुल्लाह से मिला, अऊर वल्लाहुल्लाह से पूछिन 'हे रसूलुल्लाह, हम किताब के लोगन के देस मा रहत हैं अऊर ओनके बर्तन से खात हैं। हम भी एक अइसन देश मा रहित है जेकर लोग शिकार करै का बहुतै पसंद करत हैं, मैं तीर अऊर प्रशिक्षित कुत्तन से शिकार करत हौं जेका अबहीं तक प्रशिक्षित नाहीं कीन गा है'। अबू त्सालाबाह ने कहा, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'जहाँ तक उन लोगों का सवाल है जो कहते हैं कि तुम लोग किताब के देश में रहते हो, तो जब तक तुमको और कुछ न मिले तब तक उनके बर्तन से न खाओ। अगर अउर कुछ नाय बाय तौ पहिले खाना कै बर्तन धोय के फिर खाना खाये मा इस्तेमाल करा जाय। रही बात शिकार के बारे मा आपने जवन बतावा है, तौ अपने तीर से जवन पकड़ौ, ओका शिकार करौ, अल्लाह का नाम बोलौ फिर ओका खाओ। रही बात शिकार के तौ तुमका एक प्रशिक्षित कुत्ता से मिलत है, तौ अल्लाह का नाम कहिके ओका खाओ, जबकि तुम एक अप्रशिक्षित कुत्ते से ओकर शिकार करत हौ अऊर तुम ओका वध कर सकत हौ, फिर शिकार खाओ।'