Imam Ibnu Majah : 3118
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَلَفٍ الْعَسْقَلَانِيُّ حَدَّثَنَا آدَمُ بْنُ أَبِي إِيَاسٍ حَدَّثَنَا سَلَّامُ بْنُ مِسْكِينٍ حَدَّثَنَا عَائِذُ اللَّهِ عَنْ أَبِي دَاوُدَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ قَالَقَالَ أَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا هَذِهِ الْأَضَاحِيُّ قَالَ سُنَّةُ أَبِيكُمْ إِبْرَاهِيمَ قَالُوا فَمَا لَنَا فِيهَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِكُلِّ شَعَرَةٍ حَسَنَةٌ قَالُوا فَالصُّوفُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِكُلِّ شَعَرَةٍ مِنْ الصُّوفِ حَسَنَةٌ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन खलफ अल 'असकलानी] हमसे कहिन हैं [आदम बिन अबू इयास] हमसे कहिन हैं [सल्लम बिन मिस्किन] हमसे [अइदज़ुल्लाह] से [अबू दाउद] से [जैद बिन अरकाम] कहिन हैं, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि रसूलुल्लाह के साथियन ने पूछा कि का है, बलि के जानवरन के अइसन?' उ कहिन: 'ई आपके पिता इब्राहिम के सुन्नत -शिक्षा- है'। उन्होंने पूछा कि हे अल्लाह के रसूल फिर इससे हमें क्या मिलेगा? उ जवाब दिहिन: 'हर बाल मा अच्छाई होत है'। उन्होंने कहा कि पंखों का क्या हे अल्लाह के रसूल? उ जवाब दिहिन: 'ओकरे पंखन के हर बाल से एक अच्छा चीज है'।