Tempat warisan Nabi Ibrahim ada di salah satu lokasi wuquf
Imam Ibnu Majah : 3002
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ صَفْوَانَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ شَيْبَانَ قَالَكُنَّا وُقُوفًا فِي مَكَانٍ تُبَاعِدُهُ مِنْ الْمَوْقِفِ فَأَتَانَا ابْنُ مِرْبَعٍ فَقَالَ إِنِّي رَسُولُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَيْكُمْ يَقُولُ كُونُوا عَلَى مَشَاعِرِكُمْ فَإِنَّكُمْ الْيَوْمَ عَلَى إِرْثٍ مِنْ إِرْثِ إِبْرَاهِيمَ
हमसे [अबू बकर बिन अबू स्याबाह] बताइस है; हमका [सुफयान बिन उयैना] [अमरू बिन दीनार] से [अमरू बिन अब्दुल्ला बिन शफवान] से [यजीद बिन स्याबान] बेकाटा से बताइन है; 'हम वहि जगह से बहुत दूर वुकुफ किहेन जहाँ वुकुफ होय का रहा। तब इब्न मीरबा' हमरे पास आए और कहिन; 'वास्तव में, मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का आपके लिए एक दूत हउँ कि ई कहे के लिए: 'अपने सियार -मस्या'र- जगह पर रहौ। काहे से कि आज तुम पैगम्बर इब्राहिम अलैह सलाम के विरासत मा हौ।"