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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ibnu Majah : 2849

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ الْفِرْيَابِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَمَّرَ رَجُلًا عَلَى سَرِيَّةٍ أَوْصَاهُ فِي خَاصَّةِ نَفْسِهِ بِتَقْوَى اللَّهِ وَمَنْ مَعَهُ مِنْ الْمُسْلِمِينَ خَيْرًا فَقَالَ اغْزُوا بِاسْمِ اللَّهِ وَفِي سَبِيلِ اللَّهِ قَاتِلُوا مَنْ كَفَرَ بِاللَّهِ اغْزُوا وَلَا تَغْدِرُوا وَلَا تَغُلُّوا وَلَا تَمْثُلُوا وَلَا تَقْتُلُوا وَلِيدًا وَإِذَا أَنْتَ لَقِيتَ عَدُوَّكَ مِنْ الْمُشْرِكِينَ فَادْعُهُمْ إِلَى إِحْدَى ثَلَاثِ خِلَالٍ أَوْ خِصَالٍ فَأَيَّتُهُنَّ أَجَابُوكَ إِلَيْهَا فَاقْبَلْ مِنْهُمْ وَكُفَّ عَنْهُمْ ادْعُهُمْ إِلَى الْإِسْلَامِ فَإِنْ أَجَابُوكَ فَاقْبَلْ مِنْهُمْ وَكُفَّ عَنْهُمْ ثُمَّ ادْعُهُمْ إِلَى التَّحَوُّلِ مِنْ دَارِهِمْ إِلَى دَارِ الْمُهَاجِرِينَ وَأَخْبِرْهُمْ إِنْ فَعَلُوا ذَلِكَ أَنَّ لَهُمْ مَا لِلْمُهَاجِرِينَ وَأَنَّ عَلَيْهِمْ مَا عَلَى الْمُهَاجِرِينَ وَإِنْ أَبَوْا فَأَخْبِرْهُمْ أَنَّهُمْ يَكُونُونَ كَأَعْرَابِ الْمُسْلِمِينَ يَجْرِي عَلَيْهِمْ حُكْمُ اللَّهِ الَّذِي يَجْرِي عَلَى الْمُؤْمِنِينَ وَلَا يَكُونُ لَهُمْ فِي الْفَيْءِ وَالْغَنِيمَةِ شَيْءٌ إِلَّا أَنْ يُجَاهِدُوا مَعَ الْمُسْلِمِينَ فَإِنْ هُمْ أَبَوْا أَنْ يَدْخُلُوا فِي الْإِسْلَامِ فَسَلْهُمْ إِعْطَاءَ الْجِزْيَةِ فَإِنْ فَعَلُوا فَاقْبَلْ مِنْهُمْ وَكُفَّ عَنْهُمْ فَإِنْ هُمْ أَبَوْا فَاسْتَعِنْ بِاللَّهِ عَلَيْهِمْ وَقَاتِلْهُمْ وَإِنْ حَاصَرْتَ حِصْنًا فَأَرَادُوكَ أَنْ تَجْعَلَ لَهُمْ ذِمَّةَ اللَّهِ وَذِمَّةَ نَبِيِّكَ فَلَا تَجْعَلْ لَهُمْ ذِمَّةَ اللَّهِ وَلَا ذِمَّةَ نَبِيِّكَ وَلَكِنْ اجْعَلْ لَهُمْ ذِمَّتَكَ وَذِمَّةَ أَبِيكَ وَذِمَّةَ أَصْحَابِكَ فَإِنَّكُمْ إِنْ تُخْفِرُوا ذِمَّتَكُمْ وَذِمَّةَ آبَائِكُمْ أَهْوَنُ عَلَيْكُمْ مِنْ أَنْ تُخْفِرُوا ذِمَّةَ اللَّهِ وَذِمَّةَ رَسُولِهِ وَإِنْ حَاصَرْتَ حِصْنًا فَأَرَادُوكَ أَنْ يَنْزِلُوا عَلَى حُكْمِ اللَّهِ فَلَا تُنْزِلْهُمْ عَلَى حُكْمِ اللَّهِ وَلَكِنْ أَنْزِلْهُمْ عَلَى حُكْمِكَ فَإِنَّكَ لَا تَدْرِي أَتُصِيبُ فِيهِمْ حُكْمَ اللَّهِ أَمْ لَاقَالَ عَلْقَمَةُ فَحَدَّثْتُ بِهِ مُقَاتِلَ بْنَ حَيَّانَ فَقَالَ حَدَّثَنِي مُسْلِمُ بْنُ هَيْضَمٍ عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ مُقَرِّنٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَ ذَلِكَ

हमका [मुहम्मद बिन यह्या] बताइस है; हमसे [मुहम्मद बिन यूसुफ अल फिर्याबी] बताइन हैं; हमका [सुफयान] से ['अलकमाह बिन मर्तसाद] से [इब्न बुरैदह] से [उनके पिता] कहिन; जब रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक सैनिक कमांडर नियुक्त किहिन या सैनिक अभियान भेजिन, तौ उ विशेष रूप से सैनिक कमांडर का अल्लाह से डरै के वसीयत दिहिन अऊर उ अपने साथ रहे मुसलमानन का अच्छा कामन का कायम रखै के वसीयत दिहिन, फिर उ कहिन: 'अल्लाह के राह मा अल्लाह के नाम से लड़ौ, अल्लाह से काफिर करै वालेन से लड़ौ, लड़ाई न करौ, छोटे बच्चन का विकृत करा अऊर न मारा, जब आप मुशर्कियन के बीच से अपने दुश्मनन से मिलौ, तौ ओनका तीन चीजन मा से एक चीज पर बुलावा, ओनमा से जवन भी उ स्वीकार करैं, फिर ओनसे ओका स्वीकार करा; ओनका इस्लाम मा बुलावा, अगर उ आपका स्वीकार करत हैं तौ ओनसे स्वीकार करा फिर ओनका अपने स्थान से मुहाजिरीन के स्थान पर जाय का निमंत्रण दइ द्या। ओनसे कहौ कि अगर उ अइसन करत हैं, कि ओनके पास दूसर मुहाजिरीन के समान अधिकार अऊर दायित्व हैं, अगर उ अनिच्छुक हैं अऊर आपन जगह पसंद करत हैं, तौ ओनसे कहौ कि उ मुसलमानन के बीच बेडौइन के तरह हैं, उ अल्लाह के कानून का पालन करै के लिए बाध्य हैं जवन मु`मिनिन पर लागू होत है अऊर ओनका फाई अऊर घनिमा बिल्कुल नाहीं मिलत है जब तक कि उ मुसलमानन के साथ जिहाद न करैं, तौ अगर उ ओनके ऊपर संकोच करत हैं जिजिया चुकावै के लिए, अगर उ स्वीकार करत हैं तौ ओनसे स्वीकार करौ अऊर हमला करै से परहेज करौ। ओनसे, अगर उ अनिच्छुक हैं तौ अल्लाह से मदद माँगौ फिर ओनसे लड़ौ। अगर आप एक किला के निवासियन का घेर लेत हैं अऊर उ चाहत हैं कि आप उनके लिए अल्लाह अऊर उनके पैगम्बर के गारंटी दें, तौ अइसन न करौ बल्कि बस आपन गारंटी, अपने पिता के गारंटी अऊर अपने दोस्तन के गारंटी उनके लिए बनावा, काहे से कि अगर आप अपनी गारंटी अऊर अपने पिता के गारंटी का उल्लंघन करत हैं तौ ई अल्लाह अऊर उनके नबी के गारंटी का तोड़ै से हल्का है, अगर आपका चारों ओर किले के निवासी अऊर उ चाहत हैं कि तुम ओनके ऊपर अल्लाह के कानून का फैसला करौ, न मानौ, लेकिन ओनका आपन कानून के साथ फैसला दइ द्या, काहे से कि तुम नाहीं जानत हौ कि तुम उनके बारे मा अल्लाह के कानून के अनुसार हौ या नाहीं'। कहत ['अलकाम]; तब हम [मुकातिल बिन हयान] से ई बात कहेन अऊर उ कहिन; एक समान हदीस के साथ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से [अन नुमान बिन मुकरीन] से [मुस्लिम बिन हैदलम] का बताइस है।