Imam Ibnu Majah : 2492
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْحَارِثِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْبَيْلَمَانِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا شُفْعَةَ لِشَرِيكٍ عَلَى شَرِيكٍ إِذَا سَبَقَهُ بِالشِّرَاءِ وَلَا لِصَغِيرٍ وَلَا لِغَائِبٍ
हमसे [सुवैद बिन सैद] बताय के बाद उ कहिन; हमका [मुहम्मद बिन अल हरिथ] से [मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अल बैलामनी] से [अपने पिता] [इब्नू उमर] से कहिन है, उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल (अल्लाह के रसूल अलैहि वसल्लम) कहिन: 'अगर उ अपने साथी के ऊपर एक साथी के लिए कौनो शूफत नाहीं है अगर ई पहिले से खरीद के खरीदा जात है अऊर बच्चन के लिए भी नाहीं हैं अऊर नाहीं हैं वर्तमान'।