Imam Ibnu Majah : 2320
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ خِلَاسٍ عَنْ أَبِي رَافِعٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّهُ ذَكَرَ أَنَّ رَجُلَيْنِ ادَّعَيَا دَابَّةً وَلَمْ يَكُنْ بَيْنَهُمَا بَيِّنَةٌ فَأَمَرَهُمَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يَسْتَهِمَا عَلَى الْيَمِينِ
हमसे कहिन [अबू बकर बिन अबू स्याबा] कहिन, हमसे कहिन [खालिद बिन अल हरिथ] कहिन, हमसे कहिन [सैद बिन अबू अरुबाह] से [कतादाह] से [खिलास] से [अबू रफी] से [अबू हुरैरा] उ बताइन कि दुइ मनई रहे जे दावा करत रहे कि उनके पास एक सवारी जानवर है, जबकि ओनके बीच मा कौनो सबूत नाहीं रहा। तौ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दुइनौ जने का शपथ के आधार पर चिट्ठी निकालै का आदेश दिहिन।