Imam Ibnu Majah : 2139
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ أَخْبَرَنِي أَبِي عَنْ الزُّبَيْرِ بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ نَافِعٍ قَالَكُنْتُ أُجَهِّزُ إِلَى الشَّامِ وَإِلَى مِصْرَ فَجَهَّزْتُ إِلَى الْعِرَاقِ فَأَتَيْتُ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ فَقُلْتُ لَهَا يَا أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ كُنْتُ أُجَهِّزُ إِلَى الشَّامِ فَجَهَّزْتُ إِلَى الْعِرَاقِ فَقَالَتْ لَا تَفْعَلْ مَا لَكَ وَلِمَتْجَرِكَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا سَبَّبَ اللَّهُ لِأَحَدِكُمْ رِزْقًا مِنْ وَجْهٍ فَلَا يَدَعْهُ حَتَّى يَتَغَيَّرَ لَهُ أَوْ يَتَنَكَّرَ لَهُ
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन याह्या] कहिन, हमसे कहिन [अबू अशिम] कहिन, हमका [मेरे पिता] से [अज जुबैर बिन उबैद] से [नाफी'] कहिन, 'मैं एक बार सीरिया अऊर मिस्र जाय के लिए आपूर्ति तैयार किहे रहेन, लेकिन मैं खुद का इराक जाय के लिए तैयार किहे रहेन। फिर मैं ['ऐस्याह उम्मुल मुकमिनिन] के पास गय अऊर ओसे कहिन, 'हे उम्मुल मुकमिनिन, मैं एक बार सीरिया जाय के तैयारी किहे रहेन, अऊर अब मैं इराक जाब'। तौ कहिन कि न करौ, तोहरे अउर तोहरे धंधे का का फायदा होई? दरअसल, हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुना है: 'अगर अल्लाह एक दिशा से केहू के लिए ओकरे जीविका के बारे मा कारण बनावत है, तौ जब तक उ ओसे बदल न जाय या गायब न होइ जाय तब तक ओका ओका न छोड़े'।