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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ibnu Majah : 795

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ الطَّنَافِسِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا حُمَيْدٍ السَّاعِدِيَّ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ اسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةَ وَرَفَعَ يَدَيْهِ وَقَالَ اللَّهُ أَكْبَرُ

हमसे कहिन [अली बिन मुहम्मद अथ थानाफुस] कहिन, हमसे कहिन [अबू उसामा] कहिन, हमसे कहिन [अब्दुल हामिद बिन जाफर] कहिन, हमसे कहिन [मुहम्मद बिन अमरू बिन 'अथो`] उ कहिन; हम [अबू हुमैद अस सैदी] का कहत सुने रहेन; 'जब उ नमाज पढ़ै जात रहें, त रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम क़िबला का सामना किहिन अऊर दुइनौ हाथ उठाइन, फिर उ कहिन: 'अल्लाहु अकबर -अल्लाह सबसे बड़ा है-'।