Rasulullah shallallahu ‘alaihi wasallam bersabda: Bersuci adalah setengah dari Iman
Imam Ibnu Majah : 276
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدِّمَشْقِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ شَابُورَ أَخْبَرَنِي مُعَاوِيَةُ بْنُ سَلَّامٍ عَنْ أَخِيهِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ عَنْ جَدِّهِ أَبِي سَلَّامٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ غَنْمٍ عَنْ أَبِي مَالِكٍ الْأَشْعَرِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِسْبَاغُ الْوُضُوءِ شَطْرُ الْإِيمَانِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ مِلْءُ الْمِيزَانِ وَالتَّسْبِيحُ وَالتَّكْبِيرُ مِلْءُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَالصَّلَاةُ نُورٌ وَالزَّكَاةُ بُرْهَانٌ وَالصَّبْرُ ضِيَاءٌ وَالْقُرْآنُ حُجَّةٌ لَكَ أَوْ عَلَيْكَ كُلُّ النَّاسِ يَغْدُو فَبَائِعٌ نَفْسَهُ فَمُعْتِقُهَا أَوْ مُوبِقُهَا
हमसे कहिन है [अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम अद दिमास्की] ने कहा, हमसे कहा है [मुहम्मद बिन स्यूएब बिन स्याबुर] ने कहा है, हमसे [मुआविया बिन सलाम] [अपने भाई] से कहा है कि उन्होंने उसे बताया है, अपने दादा से [अबू सलाम] से [अब्दुर्रहमान बिन घनम] से [अब्दुर्रहमान बिन घनम] से [असुलुल्लाहु अलैकुलाहुल्लाह] अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वजू पूरा करब आधा ईमान है, अल हमदुलिल्लाह तराजू भरत है, तस्बीह अऊर तकबीर से आसमान अऊर धरती भर जात है, नमाज हल्का है, जकात प्रमाण है, धैर्य हल्का है अऊर कुरान आपके लिए या आपके ऊपर प्रमाण है। हर मनुष्य दानशील है; कुछ लोग हैं जे आपन आत्मा का पाप से मुक्त करत हैं अऊर कुछ लोग हैं जे आपन आत्मा का पाप से नुकसान पहुँचावत हैं'।