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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Anugerah tertinggi: Memandang Wajah Allah

Imam Ibnu Majah : 183

حَدَّثَنَا عَبْدُ الْقُدُّوسِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ الْبُنَانِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ صُهَيْبٍ قَالَتَلَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذِهِ الْآيَةَ{ لِلَّذِينَ أَحْسَنُوا الْحُسْنَى وَزِيَادَةٌ }وَقَالَ إِذَا دَخَلَ أَهْلُ الْجَنَّةِ الْجَنَّةَ وَأَهْلُ النَّارِ النَّارَ نَادَى مُنَادٍ يَا أَهْلَ الْجَنَّةِ إِنَّ لَكُمْ عِنْدَ اللَّهِ مَوْعِدًا يُرِيدُ أَنْ يُنْجِزَكُمُوهُ فَيَقُولُونَ وَمَا هُوَ أَلَمْ يُثَقِّلْ اللَّهُ مَوَازِينَنَا وَيُبَيِّضْ وُجُوهَنَا وَيُدْخِلْنَا الْجَنَّةَ وَيُنْجِنَا مِنْ النَّارِ قَالَ فَيَكْشِفُ الْحِجَابَ فَيَنْظُرُونَ إِلَيْهِ فَوَاللَّهِ مَا أَعَطَاهُمْ اللَّهُ شَيْئًا أَحَبَّ إِلَيْهِمْ مِنْ النَّظَرِ يَعْنِي إِلَيْهِ وَلَا أَقَرَّ لِأَعْيُنِهِمْ

हमसे कहिन [अब्दुल कुदुस बिन मुहम्मद] कहिन, हमसे कहिन [हज्जाज] कहिन, हमसे [हम्मद] [थाबित अल बुनानी] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू लैला] से [शुहैब] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ई आयत पढ़ी: 'जो लोग अच्छा करत हैं, उनके लिए सबसे अच्छा इनाम है - स्वर्ग - अऊर एक अतिरिक्त,' उ कहिन: 'जब स्वर्ग के निवासी स्वर्ग मा घुस जात हैं अऊर नरक के निवासी नरक मा घुस जात हैं, तौ एक पुकारै वाला पुकारत है: 'हे स्वर्ग के निवासी, अल्लाह आपके लिए वचन देई। तोहरे बरे पूरा करा,' उइ पूछिन; 'वह का है? का अल्लाह हमरे तराजू का तौल नाहीं किहिन, हमरे चेहरा का सफेद नाहीं किहिन, हमका स्वर्ग मा भर्ती नाहीं किहिन अऊर हमका नरक के आग से नाहीं बचाइन? उ कहिन: 'फिर हिजाब उतार दीन गा रहा, ताकि उ लोग ओका देख सकै। अल्लाह के कसम, अल्लाह ने ओनका कुछौ अइसन नाहीं दिहिस है जवन ओनका देखै से ज्यादा ओनके लिए प्रसन्न अऊर आँखिन का प्रसन्न होय'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 18172, 18177, 22799
Imam Muslim : 266
Imam Tirmidzi : 2475, 3030
Imam Ibnu Majah : 183