Diperbolehkan bermalam dua malam saja (Nafar Awwal) bagi yang ingin cepat kembali
Imam Nasa'i : 3019أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي الْبَدَّاحِ بْنِ عَاصِمِ بْنِ عَدِيٍّ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَخَّصَ لِلرُّعَاةِ فِي الْبَيْتُوتَةِ يَرْمُونَ يَوْمَ النَّحْرِ وَالْيَوْمَيْنِ اللَّذَيْنِ بَعْدَهُ يَجْمَعُونَهُمَا فِي أَحَدِهِمَا
हमरा सभ ['अमर बिन अली] केँ सूचित क' ओ कहलनि; हमरा सभ [याह्या] केँ कहि देने छथि, ओ कहलनि; हमरा सभ [मलिक] केँ कहि देने छथि, ओ कहलनि; हमरा सब के [अब्दुल्लाह बिन अबी बकर] [अपन पिता] स [अबू अल बद्दाह बिन अशिम बिन आदि] स [अपन पिता] स कहने छथि जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चरबाह सब के राहत देलखिन जे ओ सब मिना के बाहर राति बिताबय, ओ सब बलिदान के दिन पत्थरबाजी के फेंक देलखिन, आ ओकर दू दिन बाद ओ सब एकरा एक दिन में मिला देलखिन दू।