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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Jual beli unta Jabir dengan syarat menungganginya hingga Madinah

Imam Bukhari : 2143

حَدَّثَنَا الْمَكِّيُّ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ وَغَيْرِهِ يَزِيدُ بَعْضُهُمْ عَلَى بَعْضٍ وَلَمْ يُبَلِّغْهُ كُلُّهُمْ رَجُلٌ وَاحِدٌ مِنْهُمْ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَكُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَكُنْتُ عَلَى جَمَلٍ ثَفَالٍ إِنَّمَا هُوَ فِي آخِرِ الْقَوْمِ فَمَرَّ بِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَنْ هَذَا قُلْتُ جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ مَا لَكَ قُلْتُ إِنِّي عَلَى جَمَلٍ ثَفَالٍ قَالَ أَمَعَكَ قَضِيبٌ قُلْتُ نَعَمْ قَالَ أَعْطِنِيهِ فَأَعْطَيْتُهُ فَضَرَبَهُ فَزَجَرَهُ فَكَانَ مِنْ ذَلِكَ الْمَكَانِ مِنْ أَوَّلِ الْقَوْمِ قَالَ بِعْنِيهِ فَقُلْتُ بَلْ هُوَ لَكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بَلْ بِعْنِيهِ قَدْ أَخَذْتُهُ بِأَرْبَعَةِ دَنَانِيرَ وَلَكَ ظَهْرُهُ إِلَى الْمَدِينَةِ فَلَمَّا دَنَوْنَا مِنْ الْمَدِينَةِ أَخَذْتُ أَرْتَحِلُ قَالَ أَيْنَ تُرِيدُ قُلْتُ تَزَوَّجْتُ امْرَأَةً قَدْ خَلَا مِنْهَا قَالَ فَهَلَّا جَارِيَةً تُلَاعِبُهَا وَتُلَاعِبُكَ قُلْتُ إِنَّ أَبِي تُوُفِّيَ وَتَرَكَ بَنَاتٍ فَأَرَدْتُ أَنْ أَنْكِحَ امْرَأَةً قَدْ جَرَّبَتْ خَلَا مِنْهَا قَالَ فَذَلِكَ فَلَمَّا قَدِمْنَا الْمَدِينَةَ قَالَ يَا بِلَالُ اقْضِهِ وَزِدْهُ فَأَعْطَاهُ أَرْبَعَةَ دَنَانِيرَ وَزَادَهُ قِيرَاطًا قَالَ جَابِرٌ لَا تُفَارِقُنِي زِيَادَةُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ يَكُنْ الْقِيرَاطُ يُفَارِقُ جِرَابَ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ

हमका बतावा गा है [अल मक्की बिन इब्राहिम] हमका [इब्न जुरैज] [अथा निन अबी रबाह] से बताइन हैं अऊर ओनमा से कुछ ने जोड़ा है अऊर केहू ने [जाबिर बिन अब्दुल्लाह रदलियाअल्लाहु अनहुमा] से पूरी बात नाहीं बताई है कहिन: 'मैं एक बार पैगम्बर सल्लाह वल्लाह वल्लाह वल्लाह वल्लाह के साथे यात्रा किहे रहेन समूह के बीच आवै वाला आखिरी। तब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मेरे सामने से गुजरे और बोले: 'यह कौन है?' हम जवाब दिहेन: 'जाबिर बिन अब्दुल्ला'। ऊ पूछिस: 'तुमका का बात है?' हम जवाब दिहेन: 'हम धीमे ऊँट पै सवारी करत हई'। ऊ पूछिस- 'लाठी है का? हम जवाब दिहेन: 'हाँ हमरे पास है'। ऊ कहिस: 'मोका दइ द्या'। तौ मैं ओका दइ दिहेंव तौ वा मोर ऊँट मा मार दिहिस कि वा तेजी से चलै लाग अउर वहिसे वा समूह मा सबसे आगे रहै। ऊ कहिस: 'मोका बेचौ'। हम कहेन: 'यह भी तोहरे लिए है, हे अल्लाह के रसूल'। उ कहिन: 'इका मोका बेचौ काहे से कि हम चार दीनार मा खरीदब अऊर जब तक ई मदीना नाहीं पहुँच जात है तब तक तुम इका सवारी कर सकत हौ'। जब हम लगभग मदीना पहुँचेन तौ हम चलै के ताईं चलेन। ऊ पूछिस: 'तुम कहाँ जात हौ?' हम कहेन: 'हम एक अइसन औरत से शादी करै चाहित है जेकर परिवार रहा होय'। ऊ पूछिस: 'एक लड़की काहे नाहीं ताकि तुम ओकरे साथ मस्ती कर सकौ अऊर ऊ तोहरे साथ मस्ती कर सकै'। मैं कहिन: 'वास्तव मा, मोर पिताजी गुजर गए हैं अऊर अपने पीछे जवान बिटियन का छोड़ दिहिन हैं, यहै कारन मैं एक अइसन औरत से शादी करै चाहत हौं जेहिका शादी का अनुभव होय'। ऊ कहिस: 'ओह हम देखित है'। जब हम मदीना पहुँचे तो उन्होंने कहा: 'हे बिलाल, उसे दे और बढ़ाओ'। तौ बिलाल ओका चार दीनार दइके एक किरथ जोड़ि दिहिन। जाबीर ने कहा: 'उम्मीद है कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने जो जोड़ दिया है, वह मुझसे अलग नहीं होगा'। तौ तब से किरथ उपहार जाबीर बिन अब्दुल्ला के चमड़ा के बैग से कभौं अलग नाहीं भा है।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 13786, 13857, 14367, 14433
Imam Bukhari : 2143, 2859, 3746, 4689, 4844, 4846, 4948, 5908
Imam Muslim : 2663, 2664, 2665, 2666, 2667, 2998, 2999, 3000, 3001
Imam Nasa'i : 3167, 3168, 3174, 3333, 4558, 4560
Imam Ibnu Majah : 1850