Jual beli unta Jabir dengan syarat menungganginya hingga Madinah
Imam Bukhari : 4689
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ حَدَّثَنَا سَيَّارٌ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَفَلْنَا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ غَزْوَةٍ فَتَعَجَّلْتُ عَلَى بَعِيرٍ لِي قَطُوفٍ فَلَحِقَنِي رَاكِبٌ مِنْ خَلْفِي فَنَخَسَ بَعِيرِي بِعَنَزَةٍ كَانَتْ مَعَهُ فَانْطَلَقَ بَعِيرِي كَأَجْوَدِ مَا أَنْتَ رَاءٍ مِنْ الْإِبِلِ فَإِذَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَا يُعْجِلُكَ قُلْتُ كُنْتُ حَدِيثَ عَهْدٍ بِعُرُسٍ قَالَ أَبِكْرًا أَمْ ثَيِّبًا قُلْتُ ثَيِّبًا قَالَ فَهَلَّا جَارِيَةً تُلَاعِبُهَا وَتُلَاعِبُكَ قَالَ فَلَمَّا ذَهَبْنَا لِنَدْخُلَ قَالَ أَمْهِلُوا حَتَّى تَدْخُلُوا لَيْلًا أَيْ عِشَاءً لِكَيْ تَمْتَشِطَ الشَّعِثَةُ وَتَسْتَحِدَّ الْمُغِيبَةُ
हमसे कहिस है [अबू नूमान] हमसे कहिस है [हुसैम] हमसे कहिस है [सैयार] से [अश श'बी] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] उ कहिन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथे युद्ध से लौटे रहेन, एहसे हम तुरंत आपन ऊँट का जोर से चलायेन जवन धीरे-धीरे चलत रहा। तबै एक सवार पीछे से मोहिका ओवरटेक कइके मोर ऊँट का डंडा से ठोकि दिहिस कि मोर ऊंट के गति नींद मा ऊँट के जइसे धीमा होइगे। अऊर पता चला कि उ व्यक्ति पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रहे, उ पूछिन: 'तुमका जल्दी मा का कारण है?' हम जवाब दिहेन, 'काहे से कि हम अभी-अभी शादी किहे हई'। ऊ फिर पूछिस: 'लड़की या विधवा?' हम जवाब दिहेन, 'विधवा'। ऊ कहिस: 'एक लड़की काहे नाहीं ताकि तुम ओसे मजाक करौ अऊर ऊ तुमसे खेल सकै?' तौ जब हम चले गयेन, तौ उ कहिन: 'इत्मीनान से चलौ, जब तक कि तुम ठीक रात मा न आ जाओ - यानी ईशा' - अऊर यहिसे कि जेकर परिवार अबहियों उलझल अहै, ओका कंघी कीन जा सकै, अऊर खुद का भी तैयार कीन जा सकै'।