Imam Tirmidzi : 3234
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ قَالَكُنْتُ مَعَ عَمِّي فَسَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أُبَيٍّ ابْنَ سَلُولٍ يَقُولُ لِأَصْحَابِهِ{ لَا تُنْفِقُوا عَلَى مَنْ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ حَتَّى يَنْفَضُّوا }وَ{ لَئِنْ رَجَعْنَا إِلَى الْمَدِينَةِ لِيُخْرِجَنَّ الْأَعَزُّ مِنْهَا الْأَذَلَّ }فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِعَمِّي فَذَكَرَ ذَلِكَ عَمِّي للنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَانِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَحَدَّثْتُهُ فَأَرْسَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أُبَيٍّ وَأَصْحَابِهِ فَحَلَفُوا مَا قَالُوا فَكَذَّبَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَصَدَّقَهُ فَأَصَابَنِي شَيْءٌ لَمْ يُصِبْنِي قَطُّ مِثْلُهُ فَجَلَسْتُ فِي الْبَيْتِ فَقَالَ عَمِّي مَا أَرَدْتَ إِلَّا أَنْ كَذَّبَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَقَتَكَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى{ إِذَا جَاءَكَ الْمُنَافِقُونَ }فَبَعَثَ إِلَيَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَرَأَهَا ثُمَّ قَالَ إِنَّ اللَّهَ قَدْ صَدَّقَكَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे कहिन [अब्दु बिन हुमैद] हमसे ['उबैदुल्लाह बिन मूसा] [इजरायल] से [अबू इशाक] से [जैद बिन अरकाम] से कहिन हैं, उ कहिन; मामा के साथ रहा, फिर अब्दुल्ला बिन उबई बिन सलूल को अपने दोस्तों से कहते सुना; अल्लाह के रसूल के साथ वाले लोग -मुहाजिरिन- को तब तक खरीदारी न दे जब तक कि वे तितर न हो जाएं -रसूल के छोड़ दो-। सचमुच, अगर हम मदीना लौट जात, तौ ताकतवर कमजोरन का वहिसे दूर भगा देत। -क्यूएस। अलमुनाफिकुन 7-8-, तब हमने अपने चाचा से यह बात कही और मेरे चाचा ने यह बात पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कही। तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझे बुलाया और मैंने उनसे यह बात बताई। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अब्दुल्ला बिन उबई और उनके दोस्तन के पास एक दूत भेजा। फिर कसम खात हैं कि हम नाहीं कहिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे झूठ बोला, अऊर बदले मा ओनके ऊपर विश्वास किहिन -उब्बय-, तौ कुछ अइसन टक्कर मारिस जवन पहिले मुझसे नाहीं भवा रहा। फिर मैं घरे बैठी, तब मामा बोले; तुझे इसके अलावा और कुछ नहीं चाहिए कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तुमसे झूठ बोलेगा और तुमसे नाराज हो जायेगा तब अल्लाह तआला ने यह आयत प्रकट किया- 'जब पाखंडी आते हैं...'। -क्यूएस। अल्मुनाफिकुन। 1-, तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मेरे पास एक दूत भेजा और आयत पढ़ी तब कहा; सचमुच अल्लाह तोहका सही ठहराइस है। अबू ईसा कहिन; ई हदीस एक प्रामाणिक हसन हदीस है।