Ali bin Abi Thalib memiliki catatan tertulis (Shahifah) yang berisi hukum-hukum syariat
Imam Tirmidzi : 2053
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِيهِ قَالَ خَطَبَنَا عَلِيٌّ فَقَالَمَنْ زَعَمَ أَنَّ عِنْدَنَا شَيْئًا نَقْرَؤُهُ إِلَّا كِتَابَ اللَّهِ وَهَذِهِ الصَّحِيفَةَ صَحِيفَةٌ فِيهَا أَسْنَانُ الْإِبِلِ وَأَشْيَاءٌ مِنْ الْجِرَاحَاتِ فَقَدْ كَذَبَ وَقَالَ فِيهَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةُ حَرَامٌ مَا بَيْنَ عَيْرٍ إِلَى ثَوْرٍ فَمَنْ أَحْدَثَ فِيهَا حَدَثًا أَوْ آوَى مُحْدِثًا فَعَلَيْهِ لَعْنَةُ اللَّهِ وَالْمَلَائِكَةِ وَالنَّاسِ أَجْمَعِينَ لَا يَقْبَلُ اللَّهُ مِنْهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ صَرْفًا وَلَا عَدْلًا وَمَنْ ادَّعَى إِلَى غَيْرِ أَبِيهِ أَوْ تَوَلَّى غَيْرَ مَوَالِيهِ فَعَلَيْهِ لَعْنَةُ اللَّهِ وَالْمَلَائِكَةِ وَالنَّاسِ أَجْمَعِينَ لَا يُقْبَلُ مِنْهُ صَرْفٌ وَلَا عَدْلٌ وَذِمَّةُ الْمُسْلِمِينَ وَاحِدَةٌ يَسْعَى بِهَا أَدْنَاهُمْقَالَ أَبُو عِيسَى وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ الْحَارِثِ بْنِ سُوَيْدٍ عَنْ عَلِيٍّ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ عَلِيٍّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे [हन्नाद] बताइस है; हमका [अबू मुआविया] [अल अमासी] से [इब्राहिम अत तैमी] से [अपने पिता] से कहिन है, उ कहिन; [अली] एक बार हमका एक उपदेश दिहिन अऊर कहिन, 'जे सोचत है कि हमरे पास कुछौ है जवन हम पढ़ित है सिवाय अल्लाह के किताब - कुरान - अऊर ई सहीफा मा ऊंट के दाँत, या पत्थर से बनी कुछ, तौ उ सचमुच झूठ बोलिस है'। अऊर अपने उपदेश मा, उ इ भी कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मदीना शहर हराम -पवित्र- है, अर्थात् 'एयर अऊर त्सौर के बीच का क्षेत्र। तौ जे भी यहिमा बुराई करत है, या यहिमा बुराई करै का इरादा करत है, तौ अल्लाह, स्वर्गदूतन अऊर सब मानव जाति के अभिशाप वहिके ऊपर परी। अल्लाह ओसे स्वीकार नाहीं करि, चाहे फर्जी काम हो या सुन्नत काम। अऊर जेकरे पास अपने पिता के अलावा कउनौ अउर से संबंध है, या अपने रखवाले के अलावा कउनौ अउर से संरक्षकता है, तौ अल्लाह, स्वर्गदूतन अऊर सब मानव जाति के अभिशाप ओकरे ऊपर परी, अऊर उ अब ओका स्वीकार नाहीं करि, चाहे उ एक फर्ज होय या सुन्नत। मुसलमानों का धिम्मा एक है । अऊर अउर भी ऊँचा होई, ओनमा से सबसे निचला'। अबू ईसा कहिन; उनमा से कुछ [अल अमासी] से [इब्राहिम अत तमीमी] से, [अल हरिथ बिन सुवैद] से, [अली] से अइसने हदीस के साथ रिवायित किहिन। अबू ईसा कहिन; ई एक प्रामाणिक हसन हदीस है। अऊर ई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अली से एक से अधिक तरीका से भी सुनावा गा है।