Imam Tirmidzi : 1908
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ نِعِمَّا لِأَحَدِهِمْ أَنْ يُطِيعَ رَبَّهُ وَيُؤَدِّيَ حَقَّ سَيِّدِهِ يَعْنِي الْمَمْلُوكَو قَالَ كَعْبٌ صَدَقَ اللَّهُ وَرَسُولُهُ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي مُوسَى وَابْنِ عُمَرَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे [इब्न अबू उमर] बतावा गा है, हमका [सुफियान] से [अमासी] से [अबू शालिह] से [अबू हुरैराह] से कहा गा है: कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव मा खुशहाल उ है जे अपने रब्ब का मानत है अऊर अपने गुलाम के अधिकारन का पूरा करत है -'। काअब ने कहा: अल्लाह और उनके रसूल ईमानदार रहे हैं। हदीस अबू मूसा अऊर इब्न उमर से रिवायित कीन गा रहा। अबू ईसा ने कहा: यह एक प्रामाणिक हसन हदीस है।