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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Penjual dan pembeli berhak memilih meneruskan atau membatalkan akad selama keduanya belum berpisah (khiyar majlis)

इमाम तिर्मिदज़ी : 1168

أَخْبَرَنَا بِذَلِكَ قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْبَيِّعَانِ بِالْخِيَارِ مَا لَمْ يَتَفَرَّقَا إِلَّا أَنْ تَكُونَ صَفْقَةَ خِيَارٍ وَلَا يَحِلُّ لَهُ أَنْ يُفَارِقَ صَاحِبَهُ خَشْيَةَ أَنْ يَسْتَقِيلَهُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ وَمَعْنَى هَذَا أَنْ يُفَارِقَهُ بَعْدَ الْبَيْعِ خَشْيَةَ أَنْ يَسْتَقِيلَهُ وَلَوْ كَانَتْ الْفُرْقَةُ بِالْكَلَامِ وَلَمْ يَكُنْ لَهُ خِيَارٌ بَعْدَ الْبَيْعِ لَمْ يَكُنْ لِهَذَا الْحَدِيثِ مَعْنًى حَيْثُ قَالَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا يَحِلُّ لَهُ أَنْ يُفَارِقَهُ خَشْيَةَ أَنْ يَسْتَقِيلَهُ

हमें [कुतैबा बिन सईद] ने बताया है; हमें [अल लैथ बिन साद] ने [इब्न अजलान] से [अम्र बिन शुऐब] से [अपने पिता] से [अपने दादा] से बताया है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया: "बेचने वाले और खरीदने वाले को खियार (पसंद) करने का हक है जब तक वे अलग न हो जाएं, सिवाय उस आदमी के जिसने अपनी खियार (पसंद) तय कर ली हो, ऐसी हालत में उनमें से एक को दूसरे को इस डर से नहीं छोड़ना चाहिए कि वह उसे रद्द कर देगा।" अबू ईसा ने कहा; यह हदीस एक हसन हदीस है। इस हदीस का मतलब यह है कि वह खरीद-बिक्री का सौदा होने के बाद उसे छोड़ देगा, इस डर से कि वह उसे रद्द कर देगा, भले ही जुबानी तौर पर अलग होना हो और (इस मामले में) खरीद-बिक्री के बाद कोई खियार नहीं है। गैरहाज़िरी (ख़ियार) इस हदीस पर आधारित है, जिसका मतलब है कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "उनमें से एक को दूसरे को नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि डर है कि वह उसे रद्द कर देगा।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 370, 4254, 4338, 4911, 5161, 5734, 7752, 14775, 14783, 14785, 14786, 14788, 15024, 18974, 19283, 19322, 19328, 19370, 19378, 19379, 19392
इमाम बुखारी : 1937, 1940, 1965, 1966, 1967, 1968, 1969, 1970, 1972
इमाम मुस्लिम : 2821, 2822, 2823, 2825
इमाम अबू दाऊद : 2996, 2997, 2998, 3000
इमाम तिर्मिदज़ी : 1166, 1167, 1168
इमाम नसाई : 4381, 4388, 4389, 4390, 4391, 4392, 4393, 4396, 4397, 4404, 4405, 4406, 4407
इमाम इब्नु माजा : 2172, 2173, 2174
इमाम मलिक : 1177
इमाम दरिमी : 2435