इमाम तिर्मिदज़ी : 1
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ ح و حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ مُصْعَبِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تُقْبَلُ صَلَاةٌ بِغَيْرِ طُهُورٍ وَلَا صَدَقَةٌ مِنْ غُلُولٍقَالَ هَنَّادٌ فِي حَدِيثِهِ إِلَّا بِطُهُورٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا الْحَدِيثُ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ عَنْ أَبِيهِ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأَنَسٍ وَأَبُو الْمَلِيحِ بْنُ أُسَامَةَ اسْمُهُ عَامِرٌ وَيُقَالُ زَيْدُ بْنُ أُسَامَةَ بْنِ عُمَيْرٍ الْهُذَلِيُّ
हमसे कहा [कुतैबा बिन सईद] ने कहा, हमसे कहा [अबू अवाना] ने [सिमक बिन हर्ब] से, और हमसे कहा [हन्नाद] ने कहा, हमसे कहा [वाकी] ने [इसराइल] से [सिमक] से [मुशब बिन साद] से [इब्न उमर] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उन्होंने कहा: "बिना पवित्रता के कोई भी प्रार्थना स्वीकार नहीं की जाएगी, और चोरी की संपत्ति से प्राप्त दान स्वीकार नहीं किया जाएगा।" हन्नाद ने अपनी हदीस में "अपवित्र" का उल्लेख किया है। अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस इस अध्याय में सबसे प्रामाणिक और सर्वश्रेष्ठ है।" इस अध्याय में अबू अल मलीह से उनके पिता और अबू हुरैरा और अनस की हदीसें भी हैं। और अबू अल मलीह बिन उसामा का नाम अमीर है, जिसे ज़ैद बिन उसामा बिन उमैर अल हुदज़ाली भी कहा जाता है।
इमाम तिर्मिदज़ी : 2
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى الْقَزَّازُ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ ح و حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا تَوَضَّأَ الْعَبْدُ الْمُسْلِمُ أَوْ الْمُؤْمِنُ فَغَسَلَ وَجْهَهُ خَرَجَتْ مِنْ وَجْهِهِ كُلُّ خَطِيئَةٍ نَظَرَ إِلَيْهَا بِعَيْنَيْهِ مَعَ الْمَاءِ أَوْ مَعَ آخِرِ قَطْرِ الْمَاءِ أَوْ نَحْوَ هَذَا وَإِذَا غَسَلَ يَدَيْهِ خَرَجَتْ مِنْ يَدَيْهِ كُلُّ خَطِيئَةٍ بَطَشَتْهَا يَدَاهُ مَعَ الْمَاءِ أَوْ مَعَ آخِرِ قَطْرِ الْمَاءِ حَتَّى يَخْرُجَ نَقِيًّا مِنْ الذُّنُوبِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ حَدِيثُ مَالِكٍ عَنْ سُهَيْلٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبُو صَالِحٍ وَالِدُ سُهَيْلٍ هُوَ أَبُو صَالِحٍ السَّمَّانُ وَاسْمُهُ ذَكْوَانُ وَأَبُو هُرَيْرَةَ اخْتُلِفَ فِي اسْمِهِ فَقَالُوا عَبْدُ شَمْسٍ وَقَالُوا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو وَهَكَذَا قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ وَهُوَ الْأَصَحُّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ وَثَوْبَانَ وَالصُّنَابِحِيِّ وَعَمْرِو بْنِ عَبَسَةَ وَسَلْمَانَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَالصُّنَابِحِيُّ الَّذِي رَوَى عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ لَيْسَ لَهُ سَمَاعٌ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاسْمُهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عُسَيْلَةَ وَيُكْنَى أَبَا عَبْدِ اللَّهِ رَحَلَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُبِضَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ فِي الطَّرِيقِ وَقَدْ رَوَى عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحَادِيثَ وَالصُّنَابِحُ بْنُ الْأَعْسَرِ الْأَحْمَسِيُّ صَاحِبُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُقَالُ لَهُ الصُّنَابِحِيُّ أَيْضًا وَإِنَّمَا حَدِيثُهُ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنِّي مُكَاثِرٌ بِكُمْ الْأُمَمَ فَلَا تَقْتَتِلُنَّ بَعْدِي
हमें बताया है [इस्हाक बिन मूसा अल अंसारी] ने कहा, हमें बताया है [मान बिन ईसा अल कज़ाज] ने कहा, हमें बताया है [मलिक बिन अनस]। दूसरे मार्ग से; और हमें बताया है [कुतैबा] [मलिक] से [सुहैल बिन अबू सलीह] से [उसके पिता] से [अबू हुरैरा] ने कहा, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यदि कोई मुसलमान, या कोई मोमिन वुज़ू करता है, फिर वह अपना चेहरा धोता है, तो उसके चेहरे पर लगे पाप पानी के साथ, या पानी की आखिरी बूंद के साथ, या कुछ ऐसा ही बाहर आ जाएंगे। यदि वह हाथ धोता है, तो उसके हाथों के पाप पानी के साथ, या पानी की आखिरी बूंद के साथ बाहर आ जाएंगे जब तक कि वह बिना ज़रा भी पाप किए बाहर न आ जाए।" अबू ईसा ने कहा; "यह एक हसन सहीह हदीस है, यानी मलिक ने सुहैल से उनके पिता अबू हुरैरा और अबू सलीह से हदीस सुनाई, सुहैल के पिता, यानी अबू सलीह अस सम्मन, और उनका नाम ज़कवान था। अबू हुरैरा के नाम को लेकर अभी भी बहस है; कुछ लोग अब्दु स्यामसी कहते हैं, कुछ अब्दुल्लाह बिन अमरू कहते हैं और इसी तरह, मुहम्मद बिन इस्माइल ने कहा; "यह सबसे सही है।" अबू ईसा ने कहा; इस चैप्टर में उथमान बिन अफ्फान, थौबन, अश शुनबिही, उमर बिन अबसाह, सलमान, अब्दुल्लाह बिन अमरू, और अश शुनबिही का भी एक रिवायत है, जिन्होंने अबू बक्र अश शिद्दीक से रिवायत किया, लेकिन उन्होंने इसे सीधे पैगंबर शल्लाहु अलैहि वसल्लम से नहीं सुना। उनका नाम अब्दुर्रहमान बिन उसैला था, जबकि उनका निकनेम अबू अब्दुल्ला था, वह पैगंबर शल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलने के लिए गए थे, जबकि पैगंबर शल्लाहु अलैहि व सल्लम खुद गुज़र गए थे, जबकि वह अभी भी रास्ते में थे। उन्होंने पैगंबर शल्लाहु अलैहि व सल्लम से कई हदीसें सुनाई हैं। अश शुनबी इब्नुल असर अल अहमसी पैगंबर शल्लाहु अलैहि व सल्लम के दोस्त थे, उन्हें अश शुनबिही भी कहा जाता था। उन्होंने जो हदीस सुनाई वह है; उन्होंने कहा; मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को यह कहते सुना: "बेशक, मैं उम्मत को बढ़ाऊंगा, इसलिए तुम मेरे बाद कभी एक-दूसरे को मत मारना।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 3
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَهَنَّادٌ وَمَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ قَالُوا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْحَنَفِيَّةِ عَنْ عَلِيٍّعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مِفْتَاحُ الصَّلَاةِ الطُّهُورُ وَتَحْرِيمُهَا التَّكْبِيرُ وَتَحْلِيلُهَا التَّسْلِيمُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا الْحَدِيثُ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ هُوَ صَدُوقٌ وَقَدْ تَكَلَّمَ فِيهِ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ قَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت مُحَمَّدَ بْنَ إِسْمَعِيلَ يَقُولُ كَانَ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَالْحُمَيْدِيُّ يَحْتَجُّونَ بِحَدِيثِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ قَالَ مُحَمَّدٌ وَهُوَ مُقَارِبُ الْحَدِيثِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ جَابِرٍ وَأَبِي سَعِيدٍ
यह हमसे [कुतैबा] और [हन्नाद] और [महमूद बिन घैलन] को बताया गया है उन्होंने कहा; हमें [वाकी'] ने [सुफियान] से बताया है। (दूसरे तरीके से इसका उल्लेख किया गया है) हमें बताया है [मुहम्मद बिन बस्यार] ने कहा, हमें बताया है [अब्दुर्रहमान बिन महदी] ने कहा, हमें बताया है [सुफियान] [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद बिन अकील] से [मुहम्मद इब्नुल हनफिया] से [अली] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उन्होंने कहा: "प्रार्थना की कुंजी शुद्धि है, निषिद्ध तकबीर है और हलाल सलाम है।" अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस इस अध्याय में सबसे प्रामाणिक और सर्वश्रेष्ठ है। अब्दुल्ला बिन मुहम्मद बिन अकील एक ईमानदार आदमी हैं, लेकिन कुछ विद्वान हैं जो इसे याद करने की बात करते हैं। अबू ईसा ने कहा; "मैंने मुहम्मद बिन इस्माइल को कहते सुना है; "अहमद बिन हनबल, इसहाक बिन इब्राहिम और अल हुमैदी, वे अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अकील की हदीस से सहमत हैं। मुहम्मद ने कहा; "समय बहुत करीब है।" अबू ईसा ने कहा; "इस अध्याय में जाबिर और अबू सईद की भी एक कहानी है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 4
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ مُحَمَّدُ بْنُ زَنْجَوَيْهِ الْبَغْدَادِيُّ وَغَيْرُ وَاحِدٍ قَالَ حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ قَرْمٍ عَنْ أَبِي يَحْيَى الْقَتَّاتِ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِفْتَاحُ الْجَنَّةِ الصَّلَاةُ وَمِفْتَاحُ الصَّلَاةِ الْوُضُوءُ
हमें बताया है [अबू बक्र मुहम्मद बिन ज़ंजावीह अल बगदादी] और सिर्फ़ एक नहीं, उन्होंने कहा; हमें बताया है [हुसैन बिन मुहम्मद] ने कहा, हमें बताया है [सुलेमान बिन क़र्न] [अबू यह्या अल क़त्तात] से [मुजाहिद] से [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलिअल्लाहु अन्हुमा, उन्होंने कहा, रसूलुल्लाह शल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "स्वर्ग की कुंजी प्रार्थना है, जबकि प्रार्थना की कुंजी वज़ू है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 5
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَهَنَّادٌ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ قَالَ شُعْبَةُ وَقَدْ قَالَ مَرَّةً أُخْرَى أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْخُبْثِ وَالْخَبِيثِ أَوْ الْخُبُثِ وَالْخَبَائِثِقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَلِيٍّ وَزَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَجَابِرٍ وَابْنِ مَسْعُودٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَحَدِيثُ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ فِي إِسْنَادِهِ اضْطِرَابٌ رَوَى هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ وَسَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ فَقَالَ سَعِيدٌ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ عَوْفٍ الشَّيْبَانِيِّ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ و قَالَ هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَرَوَاهُ شُعْبَةُ وَمَعْمَرٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ النَّضْرِ بْنِ أَنَسٍ فَقَالَ شُعْبَةُ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَقَالَ مَعْمَرٌ عَنْ النَّضْرِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَبُو عِيسَى سَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا فَقَالَ يُحْتَمَلُ أَنْ يَكُونَ قَتَادَةُ رَوَى عَنْهُمَا جَمِيعًا
उन्होंने कहा, हमें [कुतैबा] और [हन्नाद] ने बताया है; उन्होंने हमें [वाकी] [स्यूबा] से [अब्दुल अज़ीज़ बिन शुहैब] से [अनस बिन मलिक] से बताया है, उन्होंने कहा, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब वह शौचालय में प्रवेश करने जा रहे थे तो उन्होंने कहा: "अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उदज़ु बिका (हे अल्लाह, वास्तव में मैं आपकी शरण चाहता हूं)।" शुबा ने कहा; "एक और बार उन्होंने कहा: "A'UUDZU BIKA MINAL KHUBTSI WAL KHUBIIS (मैं मर्द शैतानों और औरत शैतानों से तेरी पनाह लेता हूँ) या AL KHUBUTSI WAL KHABA`ITS (मैं मर्द शैतानों और औरत शैतानों से तेरी पनाह लेता हूँ)।" अबू ईसा ने कहा; "इस चैप्टर में अली, ज़ैद बिन अरकम, जाबिर और इब्न मसूद की भी एक रिवायत है।" अबू ईसा ने कहा; "हदीस अनस बिन ईसा इस चैप्टर में सबसे असली और सबसे अच्छी है। वहीं, ज़ैद बिन अरकम की हदीस में सनद में कन्फ्यूजन है। यह हदीस हिसाम अद दस्तूवाई और सईद बिन अबू अरुबा ने क़तादा से भी रिवायत की थी। सईद ने कहा कि यह ज़ैद बिन अरकम से अल कासिम बिन 'औफ असी स्याबानी से थी। और हिसाम अद दस्तुवाई ज़ैद बिन अरकम के क़तादा से, जबकि स्यूबा और ममार ने इसे अन नदलर बिन अनस के क़तादा से सुनाया। स्यूबा ने ज़ैद बिन अरकम से इसका ज़िक्र किया। ममार ने कहा कि यह अन नदलर बिन अनस से उनके पिता, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से था। अबू ईसा ने कहा; "मैंने मुहम्मद से इस इतिहास के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, "यह अभी भी संभव है कि क़तादा ने उन दोनों से सुनाया हो।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 6
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ الضَّبِّيُّ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْخُبْثِ وَالْخَبَائِثِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमें [अहमद बिन अब्दह अदल दलबी अल बशरी] ने बताया है, हमें [हम्मद बिन ज़ैद] ने [अब्दुल अज़ीज़ बिन शुहैब] से [अनस बिन मलिक] ने बताया है; "जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम टॉयलेट में गए तो उन्होंने कहा: "अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उदज़ु बिका मिनल खुबुत्सी वल खबै'इट्स (ओ अल्लाह, मैं मर्द और औरत शैतानों से तेरी पनाह चाहता हूँ)।" अबू ईसा ने कहा; "यह एक हसन असली हदीस है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 7
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ إِسْرَائِيلَ بْنِ يُونُسَ عَنْ يُوسُفَ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَرَجَ مِنْ الْخَلَاءِ قَالَ غُفْرَانَكَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ إِسْرَائِيلَ عَنْ يُوسُفَ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ وَأَبُو بُرْدَةَ بْنُ أَبِي مُوسَى اسْمُهُ عَامِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ قَيْسٍ الْأَشْعَرِيُّ وَلَا نَعْرِفُ فِي هَذَا الْبَابِ إِلَّا حَدِيثَ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमें बताया है [मुहम्मद बिन इस्माइल] ने कहा, हमें बताया है [मलिक बिन इस्माइल] [इस्राइल बिन यूनुस] से [यूसुफ बिन अबू बुरदा] से [अपने पिता] से [ऐस्या] रदलिअल्लाहु अन्हा से, उन्होंने कहा; "जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौचालय से बाहर आए, तो उन्होंने पढ़ा: "गुफ़्राणाका (मुझे आपकी क्षमा की आशा है)।" अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस हसन गरीब के स्तर की है, हम इसे तब तक नहीं जानते जब तक कि यह एक इज़राइली हदीस से न हो, यूसुफ बिन अबू बुरदा से, जबकि अबू बुरदा बिन अबू मूसा का नाम 'अमीर बिन अब्दुल्लाह बिन कैस अल असीरी' है। और हम इस अध्याय में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ऐस्या रदलिअल्लाहु अन्हा की हदीस के अलावा कुछ नहीं जानते।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 8
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَخْزُومِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَطَاءَ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَتَيْتُمْ الْغَائِطَ فَلَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ وَلَا بَوْلٍ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا وَلَكِنْ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُواقَالَ أَبُو أَيُّوبَ فَقَدِمْنَا الشَّامَ فَوَجَدْنَا مَرَاحِيضَ قَدْ بُنِيَتْ مُسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةِ فَنَنْحَرِفُ عَنْهَا وَنَسْتَغْفِرُ اللَّهَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ جَزْءٍ الزُّبَيْدِيِّ وَمَعْقِلِ بْنِ أَبِي الْهَيْثَمِ وَيُقَالُ مَعْقِلُ بْنُ أَبِي مَعْقِلٍ وَأَبِي أُمَامَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَسَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي أَيُّوبَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَصَحُّ وَأَبُو أَيُّوبَ اسْمُهُ خَالِدُ بْنُ زَيْدٍ وَالزُّهْرِيُّ اسْمُهُ مُحَمَّدُ بْنُ مُسْلِمٍ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ شِهَابٍ الزُّهْرِيُّ وَكُنْيَتُهُ أَبُو بَكْرٍ قَالَ أَبُو الْوَلِيدِ الْمَكِّيُّ قَالَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ مُحَمَّدُ بْنُ إِدْرِيسَ الشَّافِعِيُّ إِنَّمَا مَعْنَى قَوْلِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ وَلَا بِبَوْلٍ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا إِنَّمَا هَذَا فِي الْفَيَافِي وَأَمَّا فِي الْكُنُفِ الْمَبْنِيَّةِ لَهُ رُخْصَةٌ فِي أَنْ يَسْتَقْبِلَهَا وَهَكَذَا قَالَ إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ و قَالَ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ رَحِمَهُ اللَّهُ إِنَّمَا الرُّخْصَةُ مِنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي اسْتِدْبَارِ الْقِبْلَةِ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ وَأَمَّا اسْتِقْبَالُ الْقِبْلَةِ فَلَا يَسْتَقْبِلُهَا كَأَنَّهُ لَمْ يَرَ فِي الصَّحْرَاءِ وَلَا فِي الْكُنُفِ أَنْ يَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ
हमें बताया है [सईद बिन अब्दुर्रहमान अल मखज़ुमी] ने कहा, हमें [सुफ़यान बिन उयैनाह] ने [अज़ ज़ुहरी] से ['अथो` बिन यज़ीद अल लैतसी] से [अबू अय्यूब अल अंसारी] से बताया है उन्होंने कहा, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यदि आप शौच करते हैं तो क़िबला का सामना न करें या अपनी पीठ न करें, चाहे शौच हो या पानी छोटा हो। हालांकि, पूर्व या पश्चिम का सामना करें।" अबू अय्यूब ने कहा; "जब हम सीरिया पहुंचे, तो हमने पाया कि उनके शौचालय क़िबला की दिशा में बने हैं, इसलिए हमने उनसे मुंह मोड़ लिया और अल्लाह से प्रार्थना की।" अबू ईसा ने कहा; "इस अध्याय में अब्दुल्ला बिन अल हारिथ बिन जज़ी अज़ ज़ुबैदी और मक़ील बिन अबू अल हैत्सम - जिसे मक़ील बिन अबू उमामा - अबू हुरैरा और सुहैल बिन हनीफ के नाम से भी जाना जाता है - का इतिहास भी है।" अबू ईसा ने कहा; "इस चैप्टर में अबू अय्यूब की सुनाई हदीस सबसे अच्छी और सबसे असली है। अबू अय्यूब का नाम खालिद बिन ज़ैद है, जबकि अज़ ज़ुहरी का नाम मुहम्मद बिन मुस्लिम बिन उबैदुल्लाह बिन सैयहाब अज़ ज़ुहरी है, उनका निकनेम अबू बक्र है।" अबू अल वालिद अल मक्की ने कहा; अबू अब्दुल्ला मुहम्मद बिन बिन इदरीस असी सयाफ़ी ने कहा; "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के शब्दों का एकमात्र मतलब "शौच या पेशाब करते समय क़िबला की ओर मुँह न करें या अपनी पीठ न करें" खुली जगह में है। वहीं, अगर आप किसी बंद बिल्डिंग में हैं तो क़िबला की दिशा में मुँह करने में राहत है।" यही बात इसहाक बिन इब्राहिम ने भी कही। वहीं, अहमद बिन हनबल रहिमहुल्लाह ने कहा; "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से शौच या पेशाब करते समय राहत केवल उनकी ओर पीठ करना थी, जबकि उनकी ओर मुँह करना अभी भी इजाज़त नहीं है।" ऐसा लगता है जैसे इमाम अहमद रेगिस्तान में होने या बंद इमारत में क़िबला की दिशा में मुँह करके खड़े होने में कोई फ़र्क नहीं करते थे।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ عَنْ أَبَانَ بْنِ صَالِحٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَنَهَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِبَوْلٍ فَرَأَيْتُهُ قَبْلَ أَنْ يُقْبَضَ بِعَامٍ يَسْتَقْبِلُهَاوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي قَتَادَةَ وَعَائِشَةَ وَعَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرٍ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ
मुहम्मद बिन बस्यार और मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना दोनों ने हमसे कहा; वहब बिन जरीर ने हमसे कहा, मेरे पिता ने मुहम्मद बिन इसहाक से, अबान बिन सलीह से, मुजाहिद से, जाबिर बिन अब्दुल्लाह से कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पेशाब करते समय क़िबला की दिशा में मुँह करके जाने से मना किया था, लेकिन मैंने उन्हें मरने से एक साल पहले क़िबला की दिशा में मुँह करके जाते हुए देखा।" इस अध्याय में अबू क़तादा, ऐश्या और अम्मार बिन यासिर का भी इतिहास है।" अबू ईसा ने कहा; "इस अध्याय में, जाबिर द्वारा सुनाई गई हदीस हसन ग़रीब है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 10
وَقَدْ رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ عَنْ أَبِي قَتَادَةَأَنَّهُ رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَبُولُ مُسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةِحَدَّثَنَا بِذَلِكَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ وَحَدِيثُ جَابِرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ لَهِيعَةَ وَابْنُ لَهِيعَةَ ضَعِيفٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ وَغَيْرُهُ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ
और यह हदीस [इब्न लहिया] ने, [अबू ज़ुबैर] से, [जाबिर] से, [अबू क़तादा] से सुनाई है, कि उन्होंने एक बार पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को क़िबला की तरफ़ मुँह करके पेशाब करते देखा।" [कुतैबा] ने हमें ऐसा बताया है, उन्होंने कहा; "इब्न लहिया ने हमें बताया है।" इब्न लहिया, क्योंकि हदीस के जानकारों के अनुसार इब्न लहिया एक कमज़ोर इंसान थे, इमाम याह्या बिन सईद अल क़त्थान और दूसरों ने उन्हें उनके याद करने के तरीके से समझाया है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 11
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ عَنْ عَمِّهِ وَاسِعِ بْنِ حَبَّانَ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَرَقِيتُ يَوْمًا عَلَى بَيْتِ حَفْصَةَ فَرَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى حَاجَتِهِ مُسْتَقْبِلَ الشَّامِ مُسْتَدْبِرَ الْكَعْبَةِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हन्नाद ने हमें बताया है, अब्दह बिन सुलेमान ने हमें बताया है [उबैदुल्लाह बिन उमर] से [मुहम्मद बिन याह्या बिन हब्बन] से उनके चाचा - [वासी बिन हब्बन] से - [इब्न उमर] से उन्होंने कहा; "एक दिन मैं हफ़्शाह के घर की अटारी पर गया, तो मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को काबा की ओर पीठ करके सीरिया की दिशा में शौच करते देखा।" अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस हसन असली है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 12
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ أَخْبَرَنَا شَرِيكٌ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمَنْ حَدَّثَكُمْ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَبُولُ قَائِمًا فَلَا تُصَدِّقُوهُ مَا كَانَ يَبُولُ إِلَّا قَاعِدًاقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عُمَرَ وَبُرَيْدَةَ وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حَسَنَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَائِشَةَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَصَحُّ وَحَدِيثُ عُمَرَ إِنَّمَا رُوِيَ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْكَرِيمِ بْنِ أَبِي الْمُخَارِقِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ عُمَرَ قَالَ رَآنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَنَا أَبُولُ قَائِمًا فَقَالَ يَا عُمَرُ لَا تَبُلْ قَائِمًا فَمَا بُلْتُ قَائِمًا بَعْدُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَإِنَّمَا رَفَعَ هَذَا الْحَدِيثَ عَبْدُ الْكَرِيمِ بْنُ أَبِي الْمُخَارِقِ وَهُوَ ضَعِيفٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ أَيُّوبُ السَّخْتِيَانِيُّ وَتَكَلَّمَ فِيهِ وَرَوَى عُبَيْدُ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ مَا بُلْتُ قَائِمًا مُنْذُ أَسْلَمْتُ وَهَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْكَرِيمِ وَحَدِيثُ بُرَيْدَةَ فِي هَذَا غَيْرُ مَحْفُوظٍ وَمَعْنَى النَّهْيِ عَنْ الْبَوْلِ قَائِمًا عَلَى التَّأْدِيبِ لَا عَلَى التَّحْرِيمِ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَ إِنَّ مِنْ الْجَفَاءِ أَنْ تَبُولَ وَأَنْتَ قَائِمٌ
हमसे कहा है [अली बिन हुज्र] ने, हमसे कहा है [शरीक] ने [अल मिकदम बिन स्यूरैह] से [अपने पिता] से [ऐस्या] से उन्होंने कहा; "जो कोई तुमसे कहे कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खड़े होकर पेशाब किया, उस पर विश्वास न करें, क्योंकि उन्होंने बैठने के अलावा पेशाब नहीं किया।" वह कहते हैं; "इस अध्याय में उमर के दोस्तों, बुरैदा और अब्दुर्रहमान बिन हसनाह की हदीसें भी हैं।" अबू ईसा ने कहा; "इस चैप्टर में ऐस्या की हदीस सबसे अच्छी और सबसे असली है, जबकि उमर की हदीस अब्दुल करीम बिन अबुल मुखारीक की हदीस से, नफी से, इब्न उमर से, उमर से सुनाई गई थी, उन्होंने कहा; "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक बार मुझे खड़े होकर पेशाब करते देखा, फिर उन्होंने कहा: "ऐ उमर, खड़े होकर पेशाब मत करो," तो उसके बाद मैंने फिर कभी खड़े होकर पेशाब नहीं किया।" अबू ईसा ने कहा; "इस हदीस का मतलब बताने वाला अकेला इंसान अब्दुल करीम बिन अबुल मुखारीक था, और हदीस के जानकारों के मुताबिक वह एक कमज़ोर इंसान था। अबू अय्यूब अस सिखतियानी ने भी इसे कमज़ोर करके इस पर बात की है।" उबैदुल्लाह ने नफी से रिवायत किया है, इब्न उमर से, उन्होंने कहा; उमर रदलिअल्लाहु अन्हु ने कहा; "जब से मैंने इस्लाम अपनाया है, मैंने कभी खड़े होकर पेशाब नहीं किया।" और यह हदीस अब्दुल करीम की हदीस से ज़्यादा असली है, जबकि इस चैप्टर में बुरैदा की हदीस महफ़ूज़ (बनाए रखना) नहीं है।" इस बीच, खड़े होकर पेशाब करने पर रोक का मतलब तहज़ीब से जुड़ा है, न कि कोई रोक लगाने वाली रोक से। अब्दुल्लाह बिन मसूद से रिवायत है, उन्होंने कहा; "असल में, अगर आप खड़े होकर पेशाब करते हैं तो यह बुरी तमीज़ है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 13
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَى سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ عَلَيْهَا قَائِمًا فَأَتَيْتُهُ بِوَضُوءٍ فَذَهَبْتُ لِأَتَأَخَّرَ عَنْهُ فَدَعَانِي حَتَّى كُنْتُ عِنْدَ عَقِبَيْهِ فَتَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِقَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت الْجَارُودَ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعًا يُحَدِّثُ بِهَذَا الْحَدِيثِ عَنْ الْأَعْمَشِ ثُمَّ قَالَ وَكِيعٌ هَذَا أَصَحُّ حَدِيثٍ رُوِيَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْمَسْحِ و سَمِعْت أَبَا عَمَّارٍ الْحُسَيْنَ بْنَ حُرَيْثٍ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعًا فَذَكَرَ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَكَذَا رَوَى مَنْصُورٌ وَعُبَيْدَةُ الضَّبِّيُّ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ مِثْلَ رِوَايَةِ الْأَعْمَشِ وَرَوَى حَمَّادُ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ وَعَاصِمُ بْنُ بَهْدَلَةَ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَدِيثُ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ أَصَحُّ وَقَدْ رَخَّصَ قَوْمٌ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي الْبَوْلِ قَائِمًا قَالَ أَبُو عِيسَى وَعَبِيدَةُ بْنُ عَمْرٍو السَّلْمَانِيُّ رَوَى عَنْهُ إِبْرَاهِيمُ النَّخَعِيُّ وَعَبِيدَةُ مِنْ كِبَارِ التَّابِعِينَ يُرْوَى عَنْ عَبِيدَةَ أَنَّهُ قَالَ أَسْلَمْتُ قَبْلَ وَفَاةِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِسَنَتَيْنِ وَعُبَيْدَةُ الضَّبِّيُّ صَاحِبُ إِبْرَاهِيمَ هُوَ عُبَيْدَةُ بْنُ مُعَتِّبٍ الضَّبِّيُّ وَيُكْنَى أَبَا عَبْدِ الْكَرِيمِ
हमें बताया है [हन्नाद] ने कहा, हमें बताया है [वाकी'] [अल अमासी] से [अबू व'इल] से [हुदज़ैफा] ने कहा; "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार लोगों के कूड़े के ढेर पर गए, फिर उन्होंने खड़े होकर पेशाब कर दिया। मैं उनसे दूर जाने लगा, लेकिन उन्होंने वास्तव में मुझे बुलाया जब तक कि मैं उनके पास नहीं आ गया, फिर उन्होंने वुज़ू किया और अपने ख़ुफ़ का पोंछा लगाया।" अबू ईसा ने कहा; "मैंने [अल जरूद] को कहते सुना; "मैंने [वाकी'] को [अल अमासी] से यह हदीस सुनाते सुना, उसके बाद वाकी' ने कहा; "यह पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से खुफ़ पोंछने के बारे में सुनाई गई सबसे असली हदीस है। और मैंने अबू अम्मार अल हुसैन बिन हुरैब को भी कहते सुना; "मैंने वाकी सुना, फिर उन्होंने इसका ज़िक्र इस तरह किया।" अबू ईसा ने कहा; "इस तरह [मंसूर] और [उबैदा अदल दलब्बी] ने [अबू वईल] से [हुदज़ैफ़ा] से सुनाया, जैसा कि अल अमासी ने सुनाया है।" [हम्मद बिन अबू सुलेमान] और [आशिम बिन बिलाह] ने भी [अबू वईल] से, [अल मुगीरा बिन स्यूबा] से, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनाया।" इस बीच, हुदज़ैफ़ा से अबू वईल की हदीस सबसे असली हदीस है। कुछ विद्वानों ने खड़े होकर पेशाब करने में राहत दी है।" अबू ईसा ने कहा; "इब्राहिम अन नखाई ने अबीदा बिन अमरू अस सलमानी से रिवायत की है, और अबीदा सीनियर ताबीन विद्वानों में से एक हैं।" यह रिवायत है कि अबीदा ने एक बार कहा था; "मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मौत से दो साल पहले इस्लाम कबूल किया था।" जबकि उबैदा अदल दलब्बी इब्राहिम के दोस्त थे, जिनका नाम उबैदा बिन मुअत्तिब अदल दलब्बी था, जिनका निकनेम अबू अब्दुल करीम था।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 14
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلَامِ بْنُ حَرْبٍ الْمُلَائِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَنَسٍ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَرَادَ الْحَاجَةَ لَمْ يَرْفَعْ ثَوْبَهُ حَتَّى يَدْنُوَ مِنْ الْأَرْضِقَالَ أَبُو عِيسَى هَكَذَا رَوَى مُحَمَّدُ بْنُ رَبِيعَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَنَسٍ هَذَا الْحَدِيثَ وَرَوَى وَكِيعٌ وَأَبُو يَحْيَى الْحِمَّانِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ قَالَ قَالَ ابْنُ عُمَرَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَرَادَ الْحَاجَةَ لَمْ يَرْفَعْ ثَوْبَهُ حَتَّى يَدْنُوَ مِنْ الْأَرْضِ وَكِلَا الْحَدِيثَيْنِ مُرْسَلٌ وَيُقَالُ لَمْ يَسْمَعْ الْأَعْمَشُ مِنْ أَنَسٍ وَلَا مِنْ أَحَدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَدْ نَظَرَ إِلَى أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ رَأَيْتُهُ يُصَلِّي فَذَكَرَ عَنْهُ حِكَايَةً فِي الصَّلَاةِ وَالْأَعْمَشُ اسْمُهُ سُلَيْمَانُ بْنُ مِهْرَانَ أَبُو مُحَمَّدٍ الْكَاهِلِيُّ وَهُوَ مَوْلًى لَهُمْ قَالَ الْأَعْمَشُ كَانَ أَبِي حَمِيلًا فَوَرَّثَهُ مَسْرُوقٌ
हमें बताया है [कुतैबा बिन सईद] ने कहा, हमें [अब्दुस्सालम बिन हर्ब अल मुलाई] ने [अल अमासी] से [अनस] से बताया है उन्होंने कहा; "जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खुद को शौच करना चाहते थे, तो उन्होंने अपना कपड़ा तब तक नहीं उठाया जब तक कि यह लगभग ज़मीन को छू न ले।" अबू ईसा ने कहा; "इस प्रकार [मुहम्मद बिन रबीह] ने [अल अमासी] से, [अनस] से यह हदीस सुनाई।" जबकि [वाकी] और [अबू यह्या अल हिम्मानी] ने [अल अमासी] से वर्णित किया, उन्होंने कहा; "[इब्न उमर] ने कहा; "जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को शौच जाना होता था, तो वे अपना कपड़ा तब तक नहीं उठाते थे जब तक कि वह लगभग ज़मीन को छू न जाए।" और ये दोनों हदीसें मुरसल हैं। यह भी कहा जाता है कि अल अमासी ने अनस से या पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के किसी साथी से कुछ नहीं सुना। उन्होंने अनस बिन मलिक को देखा, फिर उन्होंने कहा; "मैंने अनस को नमाज़ पढ़ते देखा," फिर उन्होंने उससे नमाज़ का ज़िक्र किया।" इस बीच, अल अमासी का नाम सुलेमान बिन मिहरान अबू मुहम्मद अल काहिली है, और वह काहिली कबीले का एक पुराना गुलाम था। अल अमासी ने कहा; "मेरे पिता का एक बच्चा था जो अभी पेट में था और फिर उसे मसरूक से विरासत में मिला।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 15
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُمَرَ الْمَكِّيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى أَنْ يَمَسَّ الرَّجُلُ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِوَفِي هَذَا الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَسَلْمَانَ وَأبِي هُرَيْرَةَ وَسَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو قَتَادَةَ الْأَنْصَارِيُّ اسْمُهُ الْحَارِثُ بْنُ رِبْعِيٍّ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ كَرِهُوا الِاسْتِنْجَاءَ بِالْيَمِينِ
हमें बताया है [मुहम्मद बिन अबू उमर अल मक्की] ने कहा, हमें बताया है [सुफ़यान बिन उयैना] [मा'मार] से [याह्या बिन अबू कत्सिर] से [अब्दुल्ला बिन अबू क़तादा] से [उनके पिता] ने कहा; "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक आदमी को अपने दाहिने हाथ से अपने प्राइवेट पार्ट को छूने से मना किया है।" इस चैप्टर में ऐश्या, सलमान, अबू हुरैरा और सुहैल बिन हनीफ की कहानियाँ भी हैं। अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस हसन असली है।" इस बीच, अबू क़तादा अल अंसारी का नाम अल हारिथ अर रिबी है। "साइंटिफिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस हदीस का मतलब यह है कि दाहिने हाथ का इस्तेमाल करके इस्तिंजा (सेबोक) करना जायज़ है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 16
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ قِيلَ لِسَلْمَانَقَدْ عَلَّمَكُمْ نَبِيُّكُمْ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلَّ شَيْءٍ حَتَّى الْخِرَاءَةَ فَقَالَ سَلْمَانُ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ وَأَنْ نَسْتَنْجِيَ بِالْيَمِينِ أَوْ أَنْ يَسْتَنْجِيَ أَحَدُنَا بِأَقَلَّ مِنْ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ أَوْ أَنْ نَسْتَنْجِيَ بِرَجِيعٍ أَوْ بِعَظْمٍقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَخُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ وَجَابِرٍ وَخَلَّادِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِيهِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ سَلْمَانَ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ رَأَوْا أَنَّ الِاسْتِنْجَاءَ بِالْحِجَارَةِ يُجْزِئُ وَإِنْ لَمْ يَسْتَنْجِ بِالْمَاءِ إِذَا أَنْقَى أَثَرَ الْغَائِطِ وَالْبَوْلِ وَبِهِ يَقُولُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ
हमें बताया है [हन्नाद] ने कहा, हमें बताया है [अबू मुअविया] [अल अमासी] से [इब्राहिम] से [अब्दुर्रहमान बिन यज़ीद] ने कहा: "क्या आपके पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आपको शौच करने के तरीके तक सब कुछ सिखाया है?" [सलमान] ने उत्तर दिया, "यह सही है, उन्होंने हमें शौच या पेशाब करते समय क़िबला की ओर मुंह करने, दाहिने हाथ से इस्तिंजा करने, और तीन से कम पत्थरों के साथ इस्तिंजा करने और जानवरों के गोबर या हड्डियों का उपयोग करके इस्तिंजा करने से मना किया है।" अबू ईसा ने कहा; "इस अध्याय में ऐश्या, खुज़ैमा बिन साबित, जाबिर, खल्लाद इब्नु अस सईद, उनके पिता से भी एक इतिहास है।" अबू ईसा ने कहा; "इस चैप्टर में, सलमान की हदीस हसन असली है, यह पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथियों और उनके मानने वालों में से ज़्यादातर जानकारों की राय है। उनका मानना है कि पत्थर से रस्म करना काफ़ी है, भले ही वह पानी से न की जाए, यानी जब पत्थर मौजूदा गंदगी को साफ़ कर सके। यह राय अत्स त्सौरी, इब्नुल मुबारक, असी सयाफ़ी, अहमद और इसहाक की भी है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 17
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ وَقُتَيْبَةُ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَخَرَجَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِحَاجَتِهِ فَقَالَ الْتَمِسْ لِي ثَلَاثَةَ أَحْجَارٍ قَالَ فَأَتَيْتُهُ بِحَجَرَيْنِ وَرَوْثَةٍ فَأَخَذَ الْحَجَرَيْنِ وَأَلْقَى الرَّوْثَةَ وَقَالَ إِنَّهَا رِكْسٌقَالَ أَبُو عِيسَى وَهَكَذَا رَوَى قَيْسُ بْنُ الرَّبِيعِ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ نَحْوَ حَدِيثِ إِسْرَائِيلَ وَرَوَى مَعْمَرٌ وَعَمَّارُ بْنُ رُزَيْقٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَرَوَى زُهَيْرٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ الْأَسْوَدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَرَوَى زَكَرِيَّا بْنُ أَبِي زَائِدَةَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ الْأَسْوَدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَهَذَا حَدِيثٌ فِيهِ اضْطِرَابٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ الْعَبْدِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ قَالَ سَأَلْتُ أَبَا عُبَيْدَةَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ هَلْ تَذْكُرُ مِنْ عَبْدِ اللَّهِ شَيْئًا قَالَ لَا قَالَ أَبُو عِيسَى سَأَلْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَيُّ الرِّوَايَاتِ فِي هَذَا الْحَدِيثِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ أَصَحُّ فَلَمْ يَقْضِ فِيهِ بِشَيْءٍ وَسَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا فَلَمْ يَقْضِ فِيهِ بِشَيْءٍ وَكَأَنَّهُ رَأَى حَدِيثَ زُهَيْرٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ أَشْبَهَ وَوَضَعَهُ فِي كِتَابِ الْجَامِعِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَأَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا عِنْدِي حَدِيثُ إِسْرَائِيلَ وَقَيْسٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ لِأَنَّ إِسْرَائِيلَ أَثْبَتُ وَأَحْفَظُ لِحَدِيثِ أَبِي إِسْحَقَ مِنْ هَؤُلَاءِ وَتَابَعَهُ عَلَى ذَلِكَ قَيْسُ بْنُ الرَّبِيعِ قَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت أَبَا مُوسَى مُحَمَّدَ بْنَ الْمُثَنَّى يَقُولُ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ مَهْدِيٍّ يَقُولُ مَا فَاتَنِي الَّذِي فَاتَنِي مِنْ حَدِيثِ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ إِلَّا لِمَا اتَّكَلْتُ بِهِ عَلَى إِسْرَائِيلَ لِأَنَّهُ كَانَ يَأْتِي بِهِ أَتَمَّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَزُهَيْرٌ فِي أَبِي إِسْحَقَ لَيْسَ بِذَاكَ لِأَنَّ سَمَاعَهُ مِنْهُ بِآخِرَةٍ قَالَ و سَمِعْت أَحْمَدَ بْنَ الْحَسَنِ التِّرْمِذِيَّ يَقُولُ سَمِعْتُ أَحْمَدَ بْنَ حَنْبَلٍ يَقُولُ إِذَا سَمِعْتَ الْحَدِيثَ عَنْ زَائِدَةَ وَزُهَيْرٍ فَلَا تُبَالِي أَنْ لَا تَسْمَعَهُ مِنْ غَيْرِهِمَا إِلَّا حَدِيثَ أَبِي إِسْحَقَ وَأَبُو إِسْحَقَ اسْمُهُ عَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ السَّبِيعِيُّ الْهَمْدَانِيُّ وَأَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ لَمْ يَسْمَعْ مِنْ أَبِيهِ وَلَا يُعْرَفُ اسْمُهُ
हन्नाद और कुतैबा दोनों ने हमसे कहा; वाकी ने इस्राइल से अबू इसहाक से अबू उबैदा से अबू अब्दुल्ला से कहा, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौच के लिए बाहर गए, फिर उन्होंने कहा: "मुझे तीन पत्थर ढूंढो," अबू उबैद ने कहा; "तो मैं उनके पास दो पत्थर और एक सूखा जानवर का गोबर लाया, उन्होंने बस दो पत्थर लिए और जानवर का गोबर फेंक दिया फिर कहा: "बेशक जानवर का गोबर नापाक होता है।" अबू ईसा ने कहा; "इस तरह [कैस बिन अर रबी] ने इस हदीस को अबू इसहाक से, अबू उबैदा से, अब्दुल्ला से सुनाया, जैसा कि इस्राइल ने हदीस में बताया है। ममार और अम्मार बिन रुज़ैक ने भी अबू इसहाक से, अलकामा से, अब्दुल्ला से सुनाया। [ज़ुहैर] ने [अबू इसहाक] से, [अब्दुर्रहमान इब्नुल असवद] से, अपने पिता - [अल असवद बिन यज़ीद] -, [अब्दुल्ला] से सुनाया। हालाँकि, इस हदीस में भ्रम है। हमें बताया है मुहम्मद बिन बसिस्यार अल अब्दी ने कहा, हमें बताया है मुहम्मद बिन जाफर ने कहा, हमें 'अमरू बिन मुर्रा से स्यू'बा बताया है उन्होंने कहा; "क्या आपको अब्दुल्ला से कुछ याद है?" उन्होंने उत्तर दिया, "नहीं।" अबू ईसा ने कहा; "मैंने अब्दुल्ला बिन अब्दुर्रहमान से पूछा; अबू इसहाक की इस हदीस में कौन सी रिवायत सबसे प्रामाणिक है?" लेकिन उन्होंने कुछ भी जवाब नहीं दिया। और मैंने मुहम्मद से भी पूछा, लेकिन उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।" यह ऐसा था जैसे उन्होंने देखा कि ज़ुहैर की हदीस अबू इसहाक से, अब्दुर्रहमान इब्नुल असवद से, उनके पिता से, अब्दुल्ला से समानताएं थीं, इसलिए उन्होंने इसे अल जामी किताब में डाल दिया।" अबू ईसा ने कहा; "इस चैप्टर में, मुझे लगता है कि सबसे असली हदीस अबू इसहाक, अबू उबैदा, अब्दुल्ला से इसराइल और कैस की है। क्योंकि इसराइल दूसरों से ज़्यादा मज़बूत था और उसने अबू इसहाक की हदीस को याद किया था। इसे कैस बिन अर रबी ने और मज़बूत किया।" अबू ईसा ने कहा; "मैंने अबू मूसा मुहम्मद इब्नुल मुत्सन्ना को कहते सुना; मैंने अब्दुर्रहमान बिन महदी को कहते सुना; "यह मुझसे वैसे ही नहीं खोई है जैसे यह मुझसे सुफ़यान अत्स त्सौरी की हदीस से, अबू इसहाक से खो गई है, सिवाय कुछ ऐसी बात के जो मैंने इसराइल से कही है, क्योंकि उसने इसे कुछ ज़्यादा सही तरीके से सुनाया।" अबू ईसा ने कहा; "अबू इसहाक से ज़ुहैर की रिवायत वैसी नहीं है, क्योंकि उसने इसे आखिर में सुना था।" उन्होंने कहा; "मैंने अहमद इब्नुल हसन अत तुरमुदज़ी को कहते सुना; "मैंने अहमद बिन हनबल को यह कहते सुना: "अगर तुम ज़ैदा और ज़ुहैर से हदीस सुनते हो तो यकीन रखो, भले ही तुम इसे किसी और से न सुनो, सिवाय अबू इसहाक की हदीस के, जबकि अबू इसहाक का नाम 'अमरू बिन अब्दुल्ला अस सबी अल हमदानी' है, और अबू उबैदा बिन अब्दुल्ला बिन मसूद ने इसे अपने पिता से नहीं सुना, और उनका नाम भी पता नहीं है।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 18
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسْتَنْجُوا بِالرَّوْثِ وَلَا بِالْعِظَامِ فَإِنَّهُ زَادُ إِخْوَانِكُمْ مِنْ الْجِنِّوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَسَلْمَانَ وَجَابِرٍ وَابْنِ عُمَرَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَدْ رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَغَيْرُهُ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُ كَانَ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيْلَةَ الْجِنِّ الْحَدِيثَ بِطُولِهِ فَقَالَ الشَّعْبِيُّ إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَسْتَنْجُوا بِالرَّوْثِ وَلَا بِالْعِظَامِ فَإِنَّهُ زَادُ إِخْوَانِكُمْ مِنْ الْجِنِّ وَكَأَنَّ رِوَايَةَ إِسْمَعِيلَ أَصَحُّ مِنْ رِوَايَةِ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا الْحَدِيثِ عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ وَفِي الْبَاب عَنْ جَابِرٍ وَابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا
हमें बताया है [हन्नाद] ने कहा, हमें बताया है [हफ़्श बिन ग़ियात्स] [दाऊद बिन अबू हिंद] से [अश स्याबी] से [अलकामा] से [अब्दुल्ला बिन मसऊद] से उन्होंने कहा, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "जानवरों की गोबर और हड्डियों का इस्तेमाल करके स्तिन्जा न करो, क्योंकि यह वास्तव में तुम्हारे भाइयों के लिए जिन्न का भोजन है।" इस अध्याय में अबू हुरैरा, सलमान, जाबिर और इब्न उमर की हदीसें भी हैं।" अबू ईसा ने कहा; "[इस्माइल बिन इब्राहिम] और इसके अलावा यह हदीस [दाऊद बिन अबू हिंद] से, [अश स्याबी] से, [अलकामा] से, [अब्दुल्ला] से सुनाई, कि वह लैलातुल क़दर की रात को पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ थे... अश श्याबी ने कहा, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मिट्टी और हड्डियों के साथ मत खाओ क्योंकि असल में यह तुम्हारे भाइयों के लिए जिन्न का खाना है।" ऐसा लगता है जैसे इस्माइल द्वारा सुनाई गई हदीस हफ़्श बिन ग़ियात्स द्वारा सुनाई गई हदीस से ज़्यादा असली है। विद्वान इस हदीस पर अमल करते हैं। और हदीस में एक और हदीस भी है जिसे जाबिर और इब्न उमर रदलिअल्लाहु अन्हुमा ने सुनाया था।
इमाम तिर्मिदज़ी : 19
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي الشَّوَارِبِ الْبَصْرِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمُرْنَ أَزْوَاجَكُنَّ أَنْ يَسْتَطِيبُوا بِالْمَاءِ فَإِنِّي أَسْتَحْيِيهِمْ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَفْعَلُهُوَفِي الْبَاب عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْبَجَلِيِّ وَأَنَسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَعَلَيْهِ الْعَمَلُ عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ يَخْتَارُونَ الِاسْتِنْجَاءَ بِالْمَاءِ وَإِنْ كَانَ الِاسْتِنْجَاءُ بِالْحِجَارَةِ يُجْزِئُ عِنْدَهُمْ فَإِنَّهُمْ اسْتَحَبُّوا الِاسْتِنْجَاءَ بِالْمَاءِ وَرَأَوْهُ أَفْضَلَ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ
हमें [कुतैबा] और [मुहम्मद बिन अब्दुल मलिक बिन अबू असी स्यावरिब अल बशरी] दोनों ने बताया है; हमें [अबू अवाना] ने [कोतादा] से [मुअदज़ा] से [ऐस्या] से कहा है; "अपने पतियों को पानी से पवित्र होने का आदेश दो, मुझे उन पर शर्म आती है, वास्तव में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ऐसा किया था।" इस अध्याय में जरीर बिन अब्दुल्ला अल बजली के दोस्तों, अनस और अबू हुरैरा की हदीसें भी हैं। अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस हसन प्रामाणिक है, और अहलुल इल्मी इस हदीस का पालन करते हैं, वे पानी से पवित्र होना चुनते हैं, भले ही वे पत्थरों से पवित्र होना सही समझते हों, और वे पानी से पवित्र होना पसंद करते हैं क्योंकि वे इसे अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। यह राय सुफियान अत्स त्सौरी, इब्नुल मुबारक, सयाफी, अहमद और इसहाक ने ली थी।"
इमाम तिर्मिदज़ी : 20
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَكُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَأَتَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَاجَتَهُ فَأَبْعَدَ فِي الْمَذْهَبِقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي قُرَادٍ وَأَبِي قَتَادَةَ وَجَابِرٍ وَيَحْيَى بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ أَبِيهِ وَأَبِي مُوسَى وَابْنِ عَبَّاسٍ وَبِلَالِ بْنِ الْحَارِثِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَيُرْوَى عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ يَرْتَادُ لِبَوْلِهِ مَكَانًا كَمَا يَرْتَادُ مَنْزِلًا وَأَبُو سَلَمَةَ اسْمُهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ الزُّهْرِيُّ
हमें बताया है [मुहम्मद बिन बस्यार] ने कहा, हमें बताया है [अब्दुल वहाब अत्स त्सकाफी] [मुहम्मद बिन अमरू] से [अबू सलामा] से [अल मुगीरा बिन स्यूबा] से उन्होंने कहा; "मैं एक यात्रा पर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ था, फिर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खुद को राहत दी और आगे की जगह चले गए।" अबू ईसा ने कहा; "इस अध्याय में उनके पिता अब्दुर्रहमान बिन अबू कुर्द, अबू क़तादा, जाबिर, याह्या बिन उबैद, अबू मूसा, इब्नु अब्बास और दोस्त बिलाल बिन हारिथ के दोस्तों की हदीसें भी हैं।" अबू ईसा ने कहा; "यह हदीस हसन असली है, और पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से यह भी बताया गया है कि जब वह पेशाब करते थे तो उस जगह को ऐसे ढक लेते थे जैसे कोई घर ढकता है। और अबू सलमा का नाम अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान बिन औफ अज़ ज़ुहरी था।"