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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 630

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُمَرَ بْنِ عَلِيٍّ الْمُقَدَّمِيُّ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ وَجَدَ تَمْرًا فَلْيُفْطِرْ عَلَيْهِ وَمَنْ لَا فَلْيُفْطِرْ عَلَى مَاءٍ فَإِنَّ الْمَاءَ طَهُورٌقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ لَا نَعْلَمُ أَحَدًا رَوَاهُ عَنْ شُعْبَةَ مِثْلَ هَذَا غَيْرَ سَعِيدِ بْنِ عَامِرٍ وَهُوَ حَدِيثٌ غَيْرُ مَحْفُوظٍ وَلَا نَعْلَمُ لَهُ أَصْلًا مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسٍ وَقَدْ رَوَى أَصْحَابُ شُعْبَةَ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ عَاصِمٍ الْأَحْوَلِ عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ عَنْ الرَّبَابِ عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ سَعِيدِ بْنِ عَامِرٍ وَهَكَذَا رَوَوْا عَنْ شُعُبَةَ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ عَنْ سَلْمَانَ وَلَمْ يُذْكَرْ فِيهِ شُعْبَةُ عَنْ الرَّبَابِ وَالصَّحِيحُ مَا رَوَاهُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ عُيَيْنَةَ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ عَاصِمٍ الْأَحَوَلِ عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ سِيرِينَ عَنْ الرَّبَابِ عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ وَابْنُ عَوْنٍ يَقُولُ عَنْ أُمِّ الرَّائِحِ بِنْتِ صُلَيْعٍ عَنْ سَلْمَانَ بْنِ عَامِرٍ وَالرَّبَابُ هِيَ أُمُّ الرَّائِحِ

हमसे कहे है [मुहम्मद बिन उमर बिन अली अल मुकद्दामी] हमसे कहे है [सईद बिन अमीर] ने हमसे [स्यूबाह] से [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] से [अनस बिन मलिक] ने कहा है, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जो कोई खजूर पाता है, तो उससे अपना रोजा तोड़ता है, तो वह अपना नहीं पाता है' पानी से उपवास करा, काहे से कि पानी पवित्र है'। -कथावाचक- कहिन, यहि अध्याय मा -सलमान बिन अमीर से एक -पेंट- इतिहास भी है। अबू ईसा कहिन, हम सईद बिन अमीर के अलावा, स्यूबाह से अनस के हदीस का ई हदीस के तरह सुनावै वाले केहू के बारे मा नाहीं जानित। हालांकि, ई हदीस महफूज नाहीं है अऊर न ही अनस से अब्दुल अजीज बिन शुहैब के हदीस का मुख्य स्रोत है। शुबाह के दोस्तन ने ई हदीस [स्यूबाह] से [अशिम अल अहवाल] से [हफशाह बिन्त सिरिन] से [अर रब्बाब] से [सलमान बिन अमीर] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनाई है। ई इतिहास सैद बिन अमीर के इतिहास से ज्यादा प्रामाणिक है। यहि प्रकार उइ [स्यूबाह] से [अशिम] से [हफशाह बिन्त सिरिन] से [सलमान] से सुनाइन, लेकिन यहिमा रब्बाब से स्यूबाह का कौनो जिक्र नाहीं है। प्रामाणिक हदीस हैं [सुफयान अत्स त्सौरी] अऊर [इब्न 'उयैना] द्वारा सुनाई गई हदीस अऊर इन दुइनौ के अलावा [अशिम अल अहवाल] से [हफशाह बिन्त सिरिन] से [अर रब्बाब] से [सलमान बिन अमीर] अऊर [इब्न 'औन] कहिन, ['उमु रायह बिन अरहुमान [सहुमान] से] से। अमीर]। इ बीच, अर रब्बाब उम्म अर रईह है।