हदीस
Sabda Nabi tentang kesedihan atas kepergian Ibrahim
Imam Bukhari : 1220حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَسَّانَ حَدَّثَنَا قُرَيْشٌ هُوَ ابْنُ حَيَّانَ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَدَخَلْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى أَبِي سَيْفٍ الْقَيْنِ وَكَانَ ظِئْرًا لِإِبْرَاهِيمَ عَلَيْهِ السَّلَام فَأَخَذَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِبْرَاهِيمَ فَقَبَّلَهُ وَشَمَّهُ ثُمَّ دَخَلْنَا عَلَيْهِ بَعْدَ ذَلِكَ وَإِبْرَاهِيمُ يَجُودُ بِنَفْسِهِ فَجَعَلَتْ عَيْنَا رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَذْرِفَانِ فَقَالَ لَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَأَنْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَقَالَ يَا ابْنَ عَوْفٍ إِنَّهَا رَحْمَةٌ ثُمَّ أَتْبَعَهَا بِأُخْرَى فَقَالَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الْعَيْنَ تَدْمَعُ وَالْقَلْبَ يَحْزَنُ وَلَا نَقُولُ إِلَّا مَا يَرْضَى رَبُّنَا وَإِنَّا بِفِرَاقِكَ يَا إِبْرَاهِيمُ لَمَحْزُونُونَرَوَاهُ مُوسَى عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ المُغِيرَةِ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमनी के बतवले बाड़े [अल हसन बिन अब्दुल अजीज] हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन हसन] हमनी के बतवले बाड़े [कुरैश] उ [अनास बिन मलिक रदलियाहु अनहु] से [त्साबीत] से इब्न हय्यान हवें कहले बाड़े; हमनी के रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के साथे मिल के अबू सैफ अल कायन के लगे गईनी जा, जिनकर पत्नी पैगम्बर शल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम के बेटा इब्राहिम अलैहिस्सलम के देखभाल आ स्तनपान करावत रहली। तब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम इब्राहिम के लेके चुम्मा लेहले। फेर ओकरा बाद एगो अउरी मौका पर हमनी के उनुका से मिले गईनी जा जबकि इब्राहिम के मौत हो गईल रहे। एह से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम के आँख लोर से भर गईल। फिर अब्दुररहमान बिन औफ रदीअल्लाहु अनहू उनका से कहले: 'हे रसूलुल्लाह, तू काहे रोवत बाड़ू?'। उ जवाब दिहले: 'हे इब्न 'औफ, सचमुच इ एगो दया ह -स्नेह के पुकार-'। एकरा बाद उ एगो अवुरी वाक्य के संगे आगे कहले अवुरी कहले कि, 'दुनो आंख से लोर बह सकता, दिल उदास हो सकता, सिर्फ हमनी के ओ बात के छोड़ के ना कहेनी, जवन कि हमनी के रब्ब के मंजूरी बा।' आ एह विरह से हे इब्राहिम, हमनी के जरूर दुखी होखब जा'। आ ई [मूसा] द्वारा [सुलेमान बिन अल मुगिराह] से [त्साबीत] से [अनास बिन मलिक रदलियाहु अनहु] से नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम से रिवायत कइल गइल बा।