Hadith Representative
Kalian akan ditanya tentang nikmat yang pernah diterima di hari kiamat
Imam Muslim : 3799حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا خَلَفُ بْنُ خَلِيفَةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ كَيْسَانَ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَاتَ يَوْمٍ أَوْ لَيْلَةٍ فَإِذَا هُوَ بِأَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ فَقَالَ مَا أَخْرَجَكُمَا مِنْ بُيُوتِكُمَا هَذِهِ السَّاعَةَ قَالَا الْجُوعُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ وَأَنَا وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَأَخْرَجَنِي الَّذِي أَخْرَجَكُمَا قُومُوا فَقَامُوا مَعَهُ فَأَتَى رَجُلًا مِنْ الْأَنْصَارِ فَإِذَا هُوَ لَيْسَ فِي بَيْتِهِ فَلَمَّا رَأَتْهُ الْمَرْأَةُ قَالَتْ مَرْحَبًا وَأَهْلًا فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ فُلَانٌ قَالَتْ ذَهَبَ يَسْتَعْذِبُ لَنَا مِنْ الْمَاءِ إِذْ جَاءَ الْأَنْصَارِيُّ فَنَظَرَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَصَاحِبَيْهِ ثُمَّ قَالَ الْحَمْدُ لِلَّهِ مَا أَحَدٌ الْيَوْمَ أَكْرَمَ أَضْيَافًا مِنِّي قَالَ فَانْطَلَقَ فَجَاءَهُمْ بِعِذْقٍ فِيهِ بُسْرٌ وَتَمْرٌ وَرُطَبٌ فَقَالَ كُلُوا مِنْ هَذِهِ وَأَخَذَ الْمُدْيَةَ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِيَّاكَ وَالْحَلُوبَ فَذَبَحَ لَهُمْ فَأَكَلُوا مِنْ الشَّاةِ وَمِنْ ذَلِكَ الْعِذْقِ وَشَرِبُوا فَلَمَّا أَنْ شَبِعُوا وَرَوُوا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِأَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَتُسْأَلُنَّ عَنْ هَذَا النَّعِيمِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ أَخْرَجَكُمْ مِنْ بُيُوتِكُمْ الْجُوعُ ثُمَّ لَمْ تَرْجِعُوا حَتَّى أَصَابَكُمْ هَذَا النَّعِيمُ و حَدَّثَنِي إِسْحَقُ بْنُ مَنْصُورٍ أَخْبَرَنَا أَبُو هِشَامٍ يَعْنِي المُغِيرَةَ بْنَ سَلَمَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ حَدَّثَنَا أَبُو حَازِمٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُا بَيْنَا أَبُو بَكْرٍ قَاعِدٌ وَعُمَرُ مَعَهُ إِذْ أَتَاهُمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَا أَقْعَدَكُمَا هَاهُنَا قَالَا أَخْرَجَنَا الْجُوعُ مِنْ بُيُوتِنَا وَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ خَلَفِ بْنِ خَلِيفَةَ
म्हानै बतायो है [अबू बकर बिन अबू स्याबा]; म्हानैं [खलफ बिन खलीफा] सूं [यजीद बिन कैसान] सूं [अबू हाजिम] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो है; एक दिन या एक रात रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम घर सूं बारै गया, अचाणचक बांनै अबू बकर अर उमर मिलग्या। फेर बो पूछ्यो: 'थे रात रै इण बगत घर सूं क्यूं निकळ रैया हो?' बां जवाब दियो; 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हांनै भूख लाग री है! ' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम कह्यो: 'अल्लाह री कसम जिणरै हाथां मांय म्हारी आत्मा है, म्हैं भी थारै जिसो भूखो हो इण वास्तै बारै निकळग्यो। आवो!' वे अंसार रै दोस्त - अबू हैत्सम बिन अत ताइहान - रै घरां उणरै लारै-लारै गया। पण दुर्भाग्य सूं वो घरां कोनी हो। पण जद बांरी घरआळी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै आता देख्या तो बां कैयो; 'मरहबन वा अहलां -स्वागत-'। तो रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूछ्यो: 'फुलान - अबू हैत्सम - कठै है?'' उणरी घरआळी जवाब दियो; 'वो म्हारै वास्तै ताजा पाणी ल्या रैयो हो'। अचाणचक उणरो पति आयो अर रसूल रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अर बांरा दो साथियां नै देख्यो, सो बां कैयो; 'भगवान रो शुक्र है, आज कोई भी म्हारै सूं ज्यादा खुश कोनी है, एक महान मेहमान रै आगमन रै कारण'। फेर बो खजूर रा गुच्छा ले लिया, जिण मांय सूं केई तो अजै ई जवान हा, केई तो पकबा लाग रैया हा अर केई साचाणी पकग्या हा। बो बोल्यो; 'प्लीज यो खा ल्यो'। जद बो चाकू ले लियो। पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जिणरै कनै दूध है उणनै मत काटणो'। तो बो एक बकरी नै काट दी, फेर बां बकरी नै खाई, खजूर रा गुच्छा खाया अर पीया। जद सगळा लोग खाबा-पीबा सूं पेट भरग्या अर तृप्त हुया तो रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अबू बकर अर उमर सूं कह्यो- 'अल्लाह री कसम जिणरै हाथ मांय म्हारी आत्मा है, थारै सूं पाया गया आशीर्वादां रै बारै मांय कायम रै दिन पूछ्यो जावैला। थै भूख लागबा रै कारण घर सूं बारै निकळो अर ओ आशीर्वाद पायां पछै घरां आ जावो। म्हनैं [इशाक बिन मंसूर] बतायो है; म्हानै [अबू हिशम] अल मुघिराह बिन सलामा नै बतायो है; म्हानै बतायो है ['अब्दुल वाहिद बिन जियाद]; म्हानै [यजीद] बतायो है; म्हानै [अबू हाजिम] बतार बो बोल्यो; मैं [अबू हुरैरा] नै कैता सुण्यो; जद अबू बकर अर उमर बैठ्या हा, अचाणचक पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बां रै कनै आया, बां पूछ्यो: 'थै अठै क्यूं बैठ्या हो?' बां जवाब दियो; 'जद तांई म्हे घर सूं बारै नीं निकळ्या, म्हे भूखा हा'। रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अल्लाह री कसम, जिणरै हाथां मांय म्हारी आत्मा है,...' फेर उण एक हदीस रो जिक्र करियो जिको खलफा बिन खलीफा री हदीस सूं मिलतो-जुलतो है।