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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Allah Asma’ul husnaa Ar Raqib

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Ar Raqib
Imam Ahmad : 18381

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَوْنِ بْنِ أَبِي جُحَيْفَةَ عَنِ الْمُنْذِرِ بْنِ جَرِيرٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ كُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي صَدْرِ النَّهَارِ قَالَ فَجَاءَهُ قَوْمٌ حُفَاةٌ عُرَاةٌ مُجْتَابِي النِّمَارِ أَوْ الْعَبَاءِ مُتَقَلِّدِي السُّيُوفِ عَامَّتُهُمْ مِنْ مُضَرَ بَلْ كُلُّهُمْ مِنْ مُضَرَ فَتَغَيَّرَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِمَا رَأَى بِهِمْ مِنْ الْفَاقَةِ قَالَ فَدَخَلَ ثُمَّ خَرَجَ فَأَمَرَ بِلَالًا فَأَذَّنَ وَأَقَامَ فَصَلَّى ثُمَّ خَطَبَ فَقَالَ { يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ إِلَى آخِرِ الْآيَةِ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلَيْكُمْ رَقِيبًا } وَقَرَأَ الْآيَةَ الَّتِي فِي الْحَشْرِ { وَلْتَنْظُرْ نَفْسٌ مَا قَدَّمَتْ لِغَدٍ } تَصَدَّقَ رَجُلٌ مِنْ دِينَارِهِ مِنْ دِرْهَمِهِ مِنْ ثَوْبِهِ مِنْ صَاعِ بُرِّهِ مِنْ صَاعِ تَمْرِهِ حَتَّى قَالَ وَلَوْ بِشِقِّ تَمْرَةٍ قَالَ فَجَاءَ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ بِصُرَّةٍ كَادَتْ كَفُّهُ تَعْجِزُ عَنْهَا بَلْ قَدْ عَجَزَتْ ثُمَّ تَتَابَعَ النَّاسُ حَتَّى رَأَيْتُ كَوْمَيْنِ مِنْ طَعَامٍ وَثِيَابٍ حَتَّى رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَهَلَّلُ وَجْهُهُ يَعْنِي كَأَنَّهُ مُذْهَبَةٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً حَسَنَةً فَلَهُ أَجْرُهَا وَأَجْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا بَعْدَهُ مِنْ غَيْرِ أَنْ يُنْتَقَصَ مِنْ أُجُورِهِمْ شَيْءٌ وَمَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً سَيِّئَةً كَانَ عَلَيْهِ وِزْرُهَا وَوِزْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا بَعْدَهُ مِنْ غَيْرِ أَنْ يُنْتَقَصَ مِنْ أَوْزَارِهِمْ شَيْءٌ حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ عَوْنَ بْنَ أَبِي جَحْفَةَ قَالَ سَمِعْتُ مُنْذِرَ بْنَ جَرِيرٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ قَالَ كُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَدْرَ النَّهَارِ فَذَكَرَهُ إِلَّا أَنَّهُ قَالَ وَأَمَرَ بِلَالًا فَأَذَّنَ ثُمَّ دَخَلَ ثُمَّ خَرَجَ فَصَلَّى وَقَالَ كَأَنَّهُ مُذْهَبَةٌ

हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन जा'फर] हमनी के [स्यूबाह] से [आउन बिन अबू जुहैफा] से [अल मुंडजिरी बिन जरीर] से [अपना पिता] से बतवले बाड़े उ कहले; हम दुपहरिया में सबेरे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बगल में रहनी। फेर एगो समूह रहे जवन नंगे पांव, नंगा, धारीदार ऊनी कपड़ा भा लमहर कोट पहिनले रहे, तलवार लेके चलत रहे, ओहमें से बहुमत मुद्रा के रहे, शायद सब मुधर के भी रहे। तुरंत रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलैहिवस्लालम के चेहरा बदल गईल जब उ ओह गरीबी के देख के जवन ओह लोग के बीच मौजूद रहे| बिलाल कहले, अल्लाह के रसूलुल्लाह आगे पीछे डेग बढ़ावत रहले, फेर बिलाल के नमाज के आह्वान करे के आदेश देले, जवन कि उ कईले, अवुरी उ एकर पालन कईले। ऊ प्रार्थना कइलन आ प्रचार कइलन, फेर ऊ श्लोक दिहलन ‘हे लोग, अपना रब्बी से डेराईं जे रउरा के एक आत्मा से बनवले बा’ -QS. एनीसा के नाम से जानल जाला; 1-, आयत के 'वास्तव में अल्लाह तोहरा पर नजर रखले बाड़े -QS. अनीसा' के नाम से जानल जाला; 1-, तब उ सूरह अलहसीर के आयत पढ़ले जवना में लिखल बा 'हर आत्मा के ध्यान देवे के चाहीं कि उ काल्ह खातिर का करेला' -QS. अलहासिर 18-, जरीर कहले, श्लोक पढ़ला के बाद केहू उनकर दिनार, दिरहम, कपड़ा, आ गेहूं के शा' नाप, भा खजूर के शा' नाप से दक्षिणा देत रहे, जबले कि ऊ ना कहले 'भले ऊ खाली आधा खजूर होखे'। जरीर कहले, फेर एगो अंसार रहे जवन एगो पैकेट लेके चलत रहे जवना के हथेली मुश्किल से मजबूत रहे, असल में उ पैकेज तक ना ले पवले। तब दोस्त लोग खाना आ कपड़ा के दू गो ढेर देखे खातिर उमड़ पड़ल जबले कि हम अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के चेहरा अइसे चमकत ना देखनी जइसे ओकरा के सोना से सोना के रंग दिहल गइल होखे. तब नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहले कि, 'जे इस्लाम में कवनो अच्छा काम शुरू करी, ओकरा बाद ओकर इनाम अवुरी इनाम जवन ओकरा बाद ओकर नकल करेला, ओकर इनाम बिल्कुल कम कईले बिना मिल जाला, अवुरी जे बुराई शुरू करेला, ओकरा बाद ओकर पाप अवुरी पाप जवन ओकरा बाद ओकर नकल करेला, ओकरा पाप के तनको कमी ना मिल जाला। हमनी के बतवले बाड़े [हसीम बिन अल कासिम] हमनी के बतवले बाड़े [स्यूबाह] कहले बाड़े, हम सुनले बानी ['अउन बिन अबी जहफाह] के कहत, हम सुनले बानी कि [अबू मुंडिर बिन जरीर] के [उनकर पिता] से बतावल गईल, कहले कि, हमनी के दुपहरिया के शुरुआत में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम के संगे रहनी, फिर उ एकर जिक्र कईले। उ खाली कहले, उ बिलाल के नमाज के आह्वान करे के हिदायत देले, फेर उ कमरा में घुस के बाहर आके नमाज पढ़ले, अवुरी उहो कहले, जईसे उनुका के सोना से सोना से रंगल होखे।

हदीस :