Hadith Representative
Al Latif
Imam Ibnu Majah : 3873حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ هِشَامٍ صَاحِبِ الدَّسْتُوَائِيِّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَبِي الْعَالِيَةِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقُولُ عِنْدَ الْكَرْبِ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ الْحَلِيمُ الْكَرِيمُ سُبْحَانَ اللَّهِ رَبِّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ سُبْحَانَ اللَّهِ رَبِّ السَّمَوَاتِ السَّبْعِ وَرَبِّ الْعَرْشِ الْكَرِيمِ قَالَ وَكِيعٌ مَرَّةً لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ فِيهَا كُلِّهَا
हमरा सब के कहल गेल अछि [अली बिन मुहम्मद] हमरा सब के [वाकी’] [अद दस्तुवा`ई के हिसियाम मालिक] स [कतादह] स [अबू अलियाह] स [इब्न अब्बास] स कहने छथि जे जखन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुसीबत मे पड़ैत छलाह त ओ कहैत छलाह: 'अल्लाह, परम सौम्य, परम महिमावान के अलावा कोनो देवता नहि अछि। महान सिंहासन के स्वामी अल्लाह की महिमा, सात आकाश के स्वामी और उदात्त सिंहासन के रब्ब अल्लाह की महिमा | वाकी' बाजल; 'एक बेर -ओ कहलनि-: 'ला इलाहा इल्लाल्लाह -अल्लाह- के अलावा कोनो देवता इबादत के योग्य नहि छथि-,' कारण एहि मे सब किछु समाहित अछि'।