प्रतिनिधि हदीस
इमाम मुस्लिम : 3568
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مِهْرَانَ الرَّازِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو عَبْدِ اللَّهِ حَمَّادُ بْنُ خَالِدٍ الْخَيَّاطُ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي ثَعْلَبَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا رَمَيْتَ بِسَهْمِكَ فَغَابَ عَنْكَ فَأَدْرَكْتَهُ فَكُلْهُ مَا لَمْ يُنْتِنْ
हमें बताया है [मुहम्मद बिन मेहरान अर रज़ी] ने हमें बताया है [अबू अब्दुल्ला हम्मद बिन खालिद अल हियाथ] [मुअविया बिन सलेह] से [अब्दुर्रहमान बिन जुबैर] से [उनके पिता] से [अबू त्सा'लाबा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उन्होंने कहा: "यदि आपका मारा हुआ शिकार खो जाता है और फिर आप उसे फिर से पा लेते हैं, तो शिकार को तब तक खा लें जब तक वह सड़ न जाए।"