प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 1299
حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ خَالِدٍ الرَّمْلِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ بْنِ سَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ سَأَلَ اللَّهَ الشَّهَادَةَ صَادِقًا بَلَّغَهُ اللَّهُ مَنَازِلَ الشُّهَدَاءِ وَإِنْ مَاتَ عَلَى فِرَاشِهِ
उन्होंने कहा, "हमें [यज़ीद बिन खालिद अर रामली] ने बताया है, हमें [इब्न वहब] ने बताया है, हमें [अब्दुर्रहमान बिन स्यूरैह] ने [अबू उमामह बिन सहल बिन हुनैफ] से [अपने पिता] से बताया है, उन्होंने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "जो कोई अल्लाह से ईमानदारी से शहीद की मौत मांगता है, अल्लाह उसे शहीदों के दर्जे तक पहुंचाएगा, भले ही वह अपने बिस्तर पर मर जाए।"