Hadith Representative
114 orang baiat di bawah pohon, janji tidak lari dari peperangan
Imam Muslim : 3458و حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ عَنْ خَالِدٍ عَنْ الْحَكَمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَعْرَجِ عَنْ مَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ قَالَ لَقَدْ رَأَيْتُنِي يَوْمَ الشَّجَرَةِ وَالنَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُبَايِعُ النَّاسَ وَأَنَا رَافِعٌ غُصْنًا مِنْ أَغْصَانِهَا عَنْ رَأْسِهِ وَنَحْنُ أَرْبَعَ عَشْرَةَ مِائَةً قَالَ لَمْ نُبَايِعْهُ عَلَى الْمَوْتِ وَلَكِنْ بَايَعْنَاهُ عَلَى أَنْ لَا نَفِرَّ و حَدَّثَنَاه يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا خَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ يُونُسَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ
अऊर ई हमसे बतावा गा है [यह्या बिन यह्या] हमसे [यजीद बिन ज़ुराई'] [खालिद] से [अल हकाम बिन अब्दुल्ला बिन अल अ'राज] से [मकिल बिन यासर] से कहिन है, 'पेड़ के नीचे निष्ठा के शपथ के समय, हम देखेन कि पैगम्बर सल्लल्लाहु तलाम करत रहे, जबकि हम लोगन का शपथ देत रहे, ओकरे सिर के ऊपर के पेड़ के शाखा से शाखा। वहि समय हम एक सौ चौदह जने रहेन।' म'किल कहिन, 'हम मौत के प्रति निष्ठा नाहीं लेत हैं, लेकिन उ समय हम युद्ध से भागै के लिए निष्ठा लिहे रहेन।' अऊर हमसे कहिन है कि [यह्या बिन यह्या] हमका [खालिद बिन अब्दुल्ला] का [यूनुस] से ई सनाद से सूचित किहिन है'।