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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2569

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَقْتَسِمُ وَرَثَتِي دِينَارًا وَلَا دِرْهَمًا مَا تَرَكْتُ بَعْدَ نَفَقَةِ نِسَائِي وَمَئُونَةِ عَامِلِي فَهُوَ صَدَقَةٌ

हमसे वर्णित है कि [अब्दुल्ला बिन यूसुफ] ने हमें [मलिक] [अबू अज़ ज़नद] से [अल अरज] से [अबू हुरैरा रदलिल्लाहु अन्हु] से वर्णित किया कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मेरी विरासत दीनार या दिरहम में विभाजित नहीं है। मैं अपनी पत्नियों और अपने कर्मचारियों के भरण-पोषण के अलावा जो कुछ भी पीछे छोड़ता हूं, वह सब सदका है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 7002, 8537, 9602
इमाम बुखारी : 2569, 2865, 6232
इमाम मुस्लिम : 3306
इमाम अबू दाऊद : 2582
इमाम मलिक : 1578