प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2535
حَدَّثَنَا خَلَّادُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا مَالِكٌ هُوَ ابْنُ مِغْوَلٍ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ مُصَرِّفٍ قَالَ سَأَلْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي أَوْفَى رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاهَلْ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْصَى فَقَالَ لَا فَقُلْتُ كَيْفَ كُتِبَ عَلَى النَّاسِ الْوَصِيَّةُ أَوْ أُمِرُوا بِالْوَصِيَّةِ قَالَ أَوْصَى بِكِتَابِ اللَّهِ
हमें बताया है [खोल्लाद बिन याह्या] ने हमें बताया है [मलिक, वह मिघवाल का बेटा है] ने हमें बताया है [थलहा बिन मुशर्रफ] ने कहा; मैंने [अब्दुल्ला बिन अबी औफा रदलिअल्लाहु अन्हुमा] से पूछा: "क्या पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कभी वसीयत की थी?" उन्होंने जवाब दिया: "नहीं"। फिर मैंने फिर पूछा: "तो फिर इंसानों के लिए वसीयत बनाना कैसे ज़रूरी है या उन्हें वसीयत बनाने का आदेश दिया गया है?" उन्होंने जवाब दिया: "उन्होंने अल्लाह की किताब से वसीयत की।"