हदीस
Walau pemimpin budak hitam, asalkan dengan kitabullah, patuhi dia
Imam Ibnu Majah : 2852حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا وَكِيعُ بْنُ الْجَرَّاحِ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ يَحْيَى بْنِ الْحُصَيْنِ عَنْ جَدَّتِهِ أُمِّ الْحُصَيْنِ قَالَتْسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنْ أُمِّرَ عَلَيْكُمْ عَبْدٌ حَبَشِيٌّ مُجَدَّعٌ فَاسْمَعُوا لَهُ وَأَطِيعُوا مَا قَادَكُمْ بِكِتَابِ اللَّهِ
हमनी के [अबू बकर बिन अबू सियाबा] बता देले बाड़े; हमनी के [स्यूबाह] से [वाकी बिन अल जराह] के [उनकर दादी उम्म अल हुशैन] से [याह्या बिन अल हुशैन] से बतवले बाड़े, उ कहले; 'हम एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहत सुनले रहनी कि 'अगर रउआ के हबासी वर्ग के कवनो नौकर के आदेश बा जवन विकलांग बा, त ओकर बात सुनी अवुरी ओकर बात मानी, यानी जब तक उ रउआ के कुरान के संगे अगुवाई करी'।