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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Puasa Ramadhan dan Puasa Sunnah Qadha, Fidiah, & Nadzar dalam puasa Dan kini ibuku telah meninggal. bayarlah puasanya dan menghajikannya

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Dan kini ibuku telah meninggal. bayarlah puasanya dan menghajikannya
Imam Tirmidzi : 603

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَطَاءٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنْتُ جَالِسًا عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْ أَتَتْهُ امْرَأَةٌ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي كُنْتُ تَصَدَّقْتُ عَلَى أُمِّي بِجَارِيَةٍ وَإِنَّهَا مَاتَتْ قَالَ وَجَبَ أَجْرُكِ وَرَدَّهَا عَلَيْكِ الْمِيرَاثُ قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهَا كَانَ عَلَيْهَا صَوْمُ شَهْرٍ أَفَأَصُومُ عَنْهَا قَالَ صُومِي عَنْهَا قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهَا لَمْ تَحُجَّ قَطُّ أَفَأَحُجُّ عَنْهَا قَالَ نَعَمْ حُجِّي عَنْهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ لَا يُعْرَفُ هَذَا مِنْ حَدِيثِ بُرَيْدَةَ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَطَاءٍ ثِقَةٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ الرَّجُلَ إِذَا تَصَدَّقَ بِصَدَقَةٍ ثُمَّ وَرِثَهَا حَلَّتْ لَهُ و قَالَ بَعْضُهُمْ إِنَّمَا الصَّدَقَةُ شَيْءٌ جَعَلَهَا لِلَّهِ فَإِذَا وَرِثَهَا فَيَجِبُ أَنْ يَصْرِفَهَا فِي مِثْلِهِ وَرَوَى سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَزُهَيْرٌ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَطَاءٍ

हमनी के बतवले बाड़े [अली बिन हुजर] हमनी के बतवले बाड़े [अली बिन मुशीर] से [अब्दुल्लाह बिन अथा’] से [अब्दुल्लाह बिन बुराइदा] से [उनकर पिता] से उ कहले बाड़े, जब हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे बईठल रहनी त एगो महिला आईल रहली अवुरी कहली कि हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, सचमुच हम एक बेर अपना महतारी के एगो महिला के संगे भिक्षा देले रहनी गुलाम लेकिन हम ओकरा के देवे से पहिले उ मर गईली, उ कहली कि: 'तोहरा अभी भी इनाम मिलता अवुरी गुलाम आपके विरासत के रूप में आपके होई'। ऊ - मेहरारू - फेरु कहली, हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, असल में हमरा माई पर अबहियों रोजा रखे के फर्ज बा, का हम ओकरा ओर से रोजा रख सकेनी? उ जवाब देले: 'उनका खातिर रोजा, उ फिर से पूछले, हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, असल में उ हज बिल्कुल नईखन कईले, का हम हज प उनुकर प्रतिनिधित्व क सकतानी? उ जवाब देले- 'उनका खातिर हज बना लीं'। अबू ईसा कहले कि इ हसन के सच्चे हदीस ह, इ हदीस बुरैदा से ना बतवले सिवाय एह सनाद के माध्यम से। अब्दुल्लाह बिन ‘अथा’ अहलुल हदीस के अनुसार त्सीकाह ह, आ विद्वान लोग भी एह हदीस के पालन करेला, यानी कि अगर केहू दक्षिणा देला आ ओकरा बाद ओकरा के विरासत में मिल जाव त कानून जायज बा। कुछ विद्वानन के राय बा कि असल में दक्षिणा एगो अइसन खजाना ह जवन अल्लाह के होला अगर ओकरा के विरासत में मिल जाव त एह धन के वापस दान में दिहल जाव. [सुफयान अतस त्साऊरी] आ [जुहैर] [अब्दुल्लाह बिन अथा'] से ई हदीस बतवले बाड़न।

हदीस :


Imam Ahmad : 2387
Imam Muslim : 1939
Imam Tirmidzi : 603