Hadith Representative
Rasulullah membagikan harta di ji'ranah dan menolak tuduhan tidak adil
Imam Ibnu Majah : 168حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْجِعْرَانَةِ وَهُوَ يَقْسِمُ التِّبْرَ وَالْغَنَائِمَ وَهُوَ فِي حِجْرِ بِلَالٍ فَقَالَ رَجُلٌ اعْدِلْ يَا مُحَمَّدُ فَإِنَّكَ لَمْ تَعْدِلْ فَقَالَ وَيْلَكَ وَمَنْ يَعْدِلُ بَعْدِي إِذَا لَمْ أَعْدِلْ فَقَالَ عُمَرُ دَعْنِي يَا رَسُولَ اللَّهِ حَتَّى أَضْرِبَ عُنُقَ هَذَا الْمُنَافِقِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ هَذَا فِي أَصْحَابٍ أَوْ أُصَيْحَابٍ لَهُ يَقْرَءُونَ الْقُرْآنَ لَا يُجَاوِزُ تَرَاقِيَهُمْ يَمْرُقُونَ مِنْ الدِّينِ كَمَا يَمْرُقُ السَّهْمُ مِنْ الرَّمِيَّةِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अश शब्बाह] कहलक अछि, हमरा सब के [सुफयान बिन उयैनह] के [अबी जुबैर] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] स कहलक अछि ओ कहलनि: जखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जिराना में सोना आ युद्ध के लूट के बंटवारा करैत छलाह, त ओ बिलाल के बगल में छलाह। अचानक एक आदमी बाजल; 'हे मुहम्मद, निष्पक्ष रहू, सचमुच अहाँ निष्पक्ष नहि छी'। त अल्लाह के रसूलुल्लाह जवाब देलखिन: 'हाय अहाँ के, हम न्याय नहि करब त न्याय के क सकैत अछि?' उमर बजलाह; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम एहि पाखंडी के गर्दन काटि देब'। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'सत्ते हुनका मित्र छनि, वा ओ कहलनि; 'हुनकर किछु मित्र कुरान पढ़ैत छलाह मुदा ओ हुनकर कंठ सँ नहि गुजरलनि, धनुष सँ चलि गेल तीर जकाँ एहि धर्म केँ छोड़ि देलनि' |