हदीस
Meminta-minta hanya halal bagi tiga golongan: penanggung beban diyat, tertimpa musibah yang menghabiskan harta, dan orang fakir yang disaksikan tiga orang bijak
Imam Nasa'i : 2532أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ عَنْ حَمَّادٍ عَنْ هَارُونَ بْنِ رِئَابٍ قَالَ حَدَّثَنِي كِنَانَةُ بْنُ نُعَيْمٍ ح و أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ وَاللَّفْظُ لَهُ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ هَارُونَ عَنْ كِنَانَةَ بْنِ نُعَيْمٍ عَنْ قَبِيصَةَ بْنِ مُخَارِقٍ قَالَتَحَمَّلْتُ حَمَالَةً فَأَتَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلْتُهُ فِيهَا فَقَالَ إِنَّ الْمَسْأَلَةَ لَا تَحِلُّ إِلَّا لِثَلَاثَةٍ رَجُلٍ تَحَمَّلَ بِحَمَالَةٍ بَيْنَ قَوْمٍ فَسَأَلَ فِيهَا حَتَّى يُؤَدِّيَهَا ثُمَّ يُمْسِكَ
हमनी के [याह्या बिन हबीब बिन अरबी] के [हम्मद] से [हारून बिन रियाब] से रिपोर्ट कईला के बाद उ कहले कि; हमरा के [किनाह बिन नुअइम] बता दिहले बा; -ओइसहीं एकरा के दोसरा रास्ता से रिवायत कइल गइल बा-, आ हमनी के [अली बिन हुजर] के जानकारी दिहले बा आ ई लफाज उनकर ह; ऊ कहत बाड़न कि; [इस्माइल] से [अय्यूब] से [हारून] से [किनाह बिन नुअइम] से [कबीशाह बिन मुखरिक] से बता के उ कहले; हमरा अपना बोझ से बोझ लागल - दियात, या कर्जा के रूप में -, त हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लगे गईनी, हम उनुका से समाधान के बारे में पूछनी, उ जवाब देले: 'वास्तव में, निहोरा तीन लोग के छोड़ के हलाल नईखे; अर्थात अइसन आदमी जेकरा अपना लोग के जिम्मेदारी होला, तब ऊ तबले भीख मांगेला जबले ऊ आपन जिम्मेदारी पूरा ना कर पावे, ओकरा बाद ऊ -भीख मांगल-'