हदीस
Mengakhirkan dhuhur & maghrib, menyegerakan ashar & isya saat safar
Imam Nasa'i : 590أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ سَوَّادِ بْنِ الْأَسْوَدِ بْنِ عَمْرٍو قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا جَابِرُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَنَسٍعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ إِذَا عَجِلَ بِهِ السَّيْرُ يُؤَخِّرُ الظُّهْرَ إِلَى وَقْتِ الْعَصْرِ فَيَجْمَعُ بَيْنَهُمَا وَيُؤَخِّرُ الْمَغْرِبَ حَتَّى يَجْمَعَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ الْعِشَاءِ حَتَّى يَغِيبَ الشَّفَقُ
हमनी के [अमर बिन सववद बिन अल असवद बिन अम्र] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [इब्न वहाब] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमनी के [जाबिर बिन इस्माइल] [उकाइल] से [इब्नु शिहाब] से [अनास] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े कि जब उ सल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सफर में जल्दबाजी में रहले त उ असर नमाज के समय तक आपन ज़ोहर खतम क देले, फिर दुनो लोग के संगे जुड़ गईले। उ मगरीब के नमाज भी तब तक खतम क देले जब तक कि उ मगरीब अवुरी ईशा के बीच ना खतम हो गईले, जब तक कि लाल मेगा गायब ना हो गईल।