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Tunda shalat saat sebagian matahari terbit dan terbenam hingga benar-benar sempurna
Imam Nasa'i : 567أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا طَلَعَ حَاجِبُ الشَّمْسِ فَأَخِّرُوا الصَّلَاةَ حَتَّى تُشْرِقَ وَإِذَا غَابَ حَاجِبُ الشَّمْسِ فَأَخِّرُوا الصَّلَاةَ حَتَّى تَغْرُبَ
हमका [अम्र बिन अली] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या बिन सैद] बताय के बाद उ कहिन; हमसे [हिस्याम बिन उर्वाह] कहिन है, उ कहिन; मोका [मेरे पिता] से कहिके उ कहिन; मोका [इब्न उमर] बताइके उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब सूरज आंशिक रूप से उग चुका है तो नमाज को सूरज के चमकने तक स्थगित करें, और अगर सूरज आंशिक रूप से डूब गया है तो नमाज को सूरज ढलने तक समाप्त कर दें'।