Hadith Representative
Hendaklah salah seorang dari kalian shalat dalam kondisi semangat, namun jika ia lelah atau malas hendaklah ia duduk
Imam Bukhari : 1082حَدَّثَنَا أَبُو مَعْمَرٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَدَخَلَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِذَا حَبْلٌ مَمْدُودٌ بَيْنَ السَّارِيَتَيْنِ فَقَالَ مَا هَذَا الْحَبْلُ قَالُوا هَذَا حَبْلٌ لِزَيْنَبَ فَإِذَا فَتَرَتْ تَعَلَّقَتْ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا حُلُّوهُ لِيُصَلِّ أَحَدُكُمْ نَشَاطَهُ فَإِذَا فَتَرَ فَلْيَقْعُدْ
हमसे कहिन है [अबू ममर] हमसे कहिन है [अब्दुल वारित्स] हमसे कहिन है [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] से [अनस बिन मलिक रदलियाअल्लाहु अन्हू] कहिन: 'एक दिन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मस्जिद मा घुसे, फिर उनका दुइ खम्भा से बंधी एक रस्सी मिली। तब उ कहिन: 'ई का अहै?' लोगों ने जवाब दिया: 'यह रस्सी जैनब का है, जब खड़ी होकर नमाज पढ़ती है और थकान महसूस करती है तो रस्सी को पकड़ लेती है'। तो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि ऐसा मत करो। आप मा से एक का अपनी प्रार्थना मा दृढ़ता से काम करै दे अऊर जब उ थकान महसूस करै, तौ बैठे-बैठे प्रार्थना करै'।