प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 582
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْخُزَاعِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو الْأَشْهَبِ عَنْ أَبِي نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى فِي أَصْحَابِهِ تَأَخُّرًا فَقَالَ لَهُمْ تَقَدَّمُوا فَأْتَمُّوا بِي وَلْيَأْتَمَّ بِكُمْ مَنْ بَعْدَكُمْ وَلَا يَزَالُ قَوْمٌ يَتَأَخَّرُونَ حَتَّى يُؤَخِّرَهُمْ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ
हमें [मूसा बिन इस्माइल] और [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह अल-खुज़ाई] बताने के बाद उन्होंने कहा; हमें [अबू अल-अस्याहब] को [अबू नदलरा] से [अबू सईद अल-खुदरी] से बताया गया है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक बार अपने दोस्तों को धीरे चलते हुए देखा, तो उन्होंने उनसे कहा: “आगे बढ़ो और मेरे पीछे आओ, और जो तुम्हारे पीछे हैं उन्हें भी अपने पीछे आने दो। कुछ लोग अभी भी धीरे चल रहे हैं, तो अल्लाह अज़्ज़ा व जल्ला भी उन्हें (अपनी कृपा से) धीमा कर देंगे।”