Hadith Representative
Menyampaikan yang diperdengarkan dan menyembunyikan yang disembunyikan
Imam Nasa'i : 959أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ رَقَبَةَ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَكُلُّ صَلَاةٍ يُقْرَأُ فِيهَا فَمَا أَسْمَعَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَسْمَعْنَاكُمْ وَمَا أَخْفَاهَا أَخْفَيْنَا مِنْكُمْ
हमका [मुहम्मद बिन कुदामाह] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [जरीर] से [रकाबा] से ['अथा] से संबंधित है उ कहिन; [अबू हुरैराह] कहिन; 'हर प्रार्थना का एक पाठ होत है। अगर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम ने मोर बात सुनी, तौ हम तोहरे बात सुनेन, अऊर जवन उ नाहीं सुनिन, हमहूँ तोहरे बात नाहीं सुनेन'।