प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 4384
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا سَالِمٌ يَعْنِي ابْنَ نُوحٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ جَابِرٍ الْحَنَفِيِّ عَنْ وَعْلَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ وَثَّابٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَلِيٍّ يَعْنِي ابْنَ شَيْبَانَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ بَاتَ عَلَى ظَهْرِ بَيْتٍ لَيْسَ لَهُ حِجَارٌ فَقَدْ بَرِئَتْ مِنْهُ الذِّمَّةُ
हमें बताया है [मुहम्मद इब्नुल मुत्सन्ना] ने कहा, हमें बताया है [सलीम] -अर्थात इब्न नूह- [उमर बिन जाबिर अल हनफी] से [वल्लाह बिन अब्दुर्रहमान बिन वत्ससन] से [अब्दुर्रहमान बिन अली] -अर्थात इब्न स्यायबान- [अपने पिता] से उन्होंने कहा, "अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "जो कोई भी ऐसे घर में सोता है जिसमें कोई बाधा नहीं लगाई गई है, तो मेरे लिए फिर कोई जिम्मेदारी नहीं है।"