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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Jihad dan Perang Adab dalam Peperangan Jika mengucapkan kalimat: laa-ilaaha-illallah, tidak boleh membunuhnya

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Jika mengucapkan kalimat: laa-ilaaha-illallah, tidak boleh membunuhnya
Imam Muslim : 139

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا لَيْثٌ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ وَاللَّفْظُ مُتَقَارِبٌ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَدِيِّ بْنِ الْخِيَارِ عَنْ الْمِقْدَادِ بْنِ الْأَسْوَدِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ إِنْ لَقِيتُ رَجُلًا مِنْ الْكُفَّارِ فَقَاتَلَنِي فَضَرَبَ إِحْدَى يَدَيَّ بِالسَّيْفِ فَقَطَعَهَا ثُمَّ لَاذَ مِنِّي بِشَجَرَةٍ فَقَالَ أَسْلَمْتُ لِلَّهِ أَفَأَقْتُلُهُ يَا رَسُولَ اللَّهِ بَعْدَ أَنْ قَالَهَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَقْتُلْهُ قَالَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهُ قَدْ قَطَعَ يَدِي ثُمَّ قَالَ ذَلِكَ بَعْدَ أَنْ قَطَعَهَا أَفَأَقْتُلُهُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَقْتُلْهُ فَإِنْ قَتَلْتَهُ فَإِنَّهُ بِمَنْزِلَتِكَ قَبْلَ أَنْ تَقْتُلَهُ وَإِنَّكَ بِمَنْزِلَتِهِ قَبْلَ أَنْ يَقُولَ كَلِمَتَهُ الَّتِي قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ قَالَا أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ جَمِيعًا عَنْ الزُّهْرِيِّ بِهَذَا الْإِسْنَادِ أَمَّا الْأَوْزَاعِيُّ وَابْنُ جُرَيْجٍ فَفِي حَدِيثِهِمَا قَالَ أَسْلَمْتُ لِلَّهِ كَمَا قَالَ اللَّيْثُ فِي حَدِيثِهِ وَأَمَّا مَعْمَرٌ فَفِي حَدِيثِهِ فَلَمَّا أَهْوَيْتُ لِأَقْتُلَهُ قَالَ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ و حَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ حَدَّثَنِي عَطَاءُ بْنُ يَزِيدَ اللَّيْثِيُّ ثُمَّ الْجُنْدَعِيُّ أَنَّ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عَدِيِّ بْنِ الْخِيَارِ أَخْبَرَهُ أَنَّ الْمِقْدَادَ بْنَ عَمْرِو بْنِ الْأَسْوَدِ الْكِنْدِيَّ وَكَانَ حَلِيفًا لِبَنِي زُهْرَةَ وَكَانَ مِمَّنْ شَهِدَ بَدْرًا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ إِنْ لَقِيتُ رَجُلًا مِنْ الْكُفَّارِ ثُمَّ ذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ اللَّيْثِ

हमरा सभकेँ कहलक अछि [कुतैबा बिन सईद] हमरा सभकेँ [लैतस] कहि देने अछि। -एकटा आओर कथ्य मे कहल गेल अछि- दान हमरा सभ केँ कहने छथि जे [मुहम्मद बिन रुमह] आ लफाज एक दोसराक नजदीक अछि आ एक समान अछि | हमरा सभ [लैतस] केँ [इब्न शिहाब] सँ [अथा’ बिन यजीद अल-लैत्सी] सँ [उबैदुल्लाह बिन आदि बिन अल-खियार] सँ [अल-मिक्दाद बिन अल-असवाद] सँ सूचना भेटल अछि जे ओ हुनका रिपोर्ट केलनि, जे ओ कहलनि, ‘हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह, जँ हम काफिरक समूह सँ कोनो आदमी सँ भेंट करब, तखन ओ सभ हमरा पर हमला क’ हमर एकटा केँ काटि देलक हाथ अपन तलवारसँ। तखन ओ हमरासँ भागि गेल आ एकटा गाछक पाछाँ आश्रय लेलक’, तखन जे ई काज केलक ओ कहलक, ‘हम अल्लाहक लेल अपनाकेँ समर्पण क’ देलहुँ । हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, की हम हुनका ओहि अभिव्यक्ति -तवीद- के उच्चारण केलाक बाद मारि सकैत छी? ' अल्लाह के रसूलुल्लाह कहलनि : 'ओकरा नहि मारू'। मिकदाद जवाब देलकै, 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह! ओ आदमी हमर हाथ काटि देने छल, आ ओकरा काटि क' ओ -गलती सँ- कहि देलक! की हम ओकरा मारि सकैत छी?' रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब देलखिन: 'ओकरा नहि मारू, जँ अहाँ ओहि आदमी केँ मारब, तखन ओ सचमुच अहाँक मारय सँ पहिने अहाँक समान होयत, जखन कि अहाँ ओकरा ओ शब्द कहबा सँ पहिने ओकर स्थिति मे छलहुँ - मतलब काफिर -'। हमरा सब के कहलक अछि [इशक बिन इब्राहिम] आ [अब्द बिन हुमैद] दुनू कहलनि, हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुर्रज्जाक] ओ कहलनि, हमरा सब के [मा'मर] के कहलक अछि। -एकटा आओर रिवायत मे कहल गेल अछि- आ हमरा सभ केँ कहलक अछि [इशक बिन मूसा अल-अंसारी] हमरा सभ केँ [अल-वालिद बिन मुस्लिम] केँ [अल-औजाई] सँ कहि देने अछि | -एकटा आओर रिवायत मे कहल गेल अछि- आ हमरा सभ केँ कहलक अछि [मुहम्मद बिन रफी'] हमरा सभ केँ [अब्दुरज्जाक] हमरा सभ केँ [इब्नु जुरैज] केँ [अज-जुहरी] सँ एहि सनाद सँ सब किछु बता देने अछि। रहल बात अल-औजाई आ इब्न जुरैज के त हुनकर दोसर हदीस में ओ कहलनि जे हम अपना के अल्लाह के अधीन करैत छी’ जेना कि अल-लैट्स अपन हदीस में कहने छलाह | रहल बात माममर के त हुनकर हदीस में कहल गेल अछि जे जखन हम हुनका मारय चाहैत छलहुं त ओ कहलनि जे अल्लाह के अलावा कोनो देवता - इबादत के योग्य - नहिं छथि''. आरू हमरा सब क॑ बतैन॑ छै [हरमाला बिन याह्या] न॑ हमरा सब क॑ बतैलकै [इब्न वहाब] न॑ कहलकै, हमरा [यूनुस] क॑ [इब्न शिहाब] स॑ बतैलकै जेकरा म॑ हुनी कहलकै, हमरा [अथा’ बिन यजीद अल-लैत्सी अल-जुंडाई] क॑ बतैलकै कि [अब्दुल्लाह बिन आदि बिन अल-खियार] न॑ ओकरा कहलकै, कि [अल-मिकदाद बिन अमरू बिन अल-असवद] अल-किंडी] - ओ ज़ुहरा के संतान के सहयोगी छलाह, आ ओ ओहि साथी में सं एक छलाह जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग बदर के लड़ाई में भाग लेने छलाह - ओ कहलनि, 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, अगर हमरा काफिर के बीच सं कोनो आदमी सं भेंट होयत त अहां के की लागत? ' तखन ओ हदीस अल-लैट्स के जिक्र केलनि'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 20750, 22700, 22713
Imam Bukhari : 3935, 6358, 6364
Imam Muslim : 139, 140, 141, 142