हदीस
Menolak makan dengan tangan kanan
Imam Darimi : 1945أَخْبَرَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الطَّيَالِسِيُّ حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ حَدَّثَنِي إِيَاسُ بْنُ سَلَمَةَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ أَبْصَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بُسْرَ بْنَ رَاعِي الْعِيرِ يَأْكُلُ بِشِمَالِهِ فَقَالَ كُلْ بِيَمِينِكَ قَالَ لَا أَسْتَطِيعُ قَالَ لَا اسْتَطَعْتَ قَالَ فَمَا وَصَلَتْ يَمِينُهُ إِلَى فِيهِ
हमनी के बतवले बाड़े [अबू अल वालिद अथ थयालीसी] हमनी के बतवले बाड़े [इकरीमा बिन अम्मर] हमरा के बतवले बाड़े [इयास बिन सलामाह] हमरा के [हमार पिता] के बतवले बाड़े, उ कहले; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बसर बिन राई अल इर के बायां हाथ से खात देखले, त उ कहले कि, 'अपना दाहिना हाथ से खाईं'। बसर कहले कि; 'हम नईखी सकत'। उ कहले कि, 'रउरा पक्षपात ना होई?'। ओकरा बाद बसर के दाहिना हाथ मुंह तक ना पहुंच पवलस।