हदीस
Membaca: AMSAINAA WA AMSAL MULKU LILLAAH, WALHAMDU LILLAAHI, LAA-ILAAHA ILLALLAAH WAHDAHUU LAA SYARIIKA LAHU
Imam Tirmidzi : 3312حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ الْحَسَنِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سُوَيْدٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَمْسَى قَالَ أَمْسَيْنَا وَأَمْسَى الْمُلْكُ لِلَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ وَلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ أُرَاهُ قَالَ فِيهَا لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ أَسْأَلُكَ خَيْرَ مَا فِي هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَخَيْرَ مَا بَعْدَهَا وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ هَذِهِ اللَّيْلَةِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهَا وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ الْكَسَلِ وَسُوءِ الْكِبَرِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ النَّارِ وَعَذَابِ الْقَبْرِ وَإِذَا أَصْبَحَ قَالَ ذَلِكَ أَيْضًا أَصْبَحْنَا وَأَصْبَحَ الْمُلْكُ لِلَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَاهُ شُعْبَةُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ لَمْ يَرْفَعْهُ
का रउवा हमनी के [सुफियन बिन वाकी'] बतवले बानी? हमनी के [जरीर] के बतवले बाड़े? [अल हसन बिन उबैदुल्लाह] से? [इब्राहिम बिन सुवैद] से मिलल बा? [अब्दुर रहमान बिन यजीद] से? [अब्दुल्लाह] से मिलल बा? ऊ कहले कि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दुपहरिया में कहले कि, 'अमसैना वा अमसल मुलकु लिल्लाही वाल हमदु लिल्लाही वा ला इलाहा इल्लाह वहदाहु ला स्यारिका लाहू'। -आज दुपहरिया में हमनी के आ पूरा राज्य दुनिया के स्वामी अल्लाह के बानी जा, सब तारीफ अल्लाह के बा, अवुरी अकेले अल्लाह के अलावे इबादत के लायक कवनो देवता नईखन, उनुका खाती कवनो साथी नईखे-। हम ओह दिन दुपहरिया में देखनी कि ऊ कहत रहले: लाहुल मुलकु वा लाहुल हमदू वा हुवा आला कुल्ली स्याई इन कादीर। AS ALUKA KHAIRA MAA FII हदजीहिल लैलाह वा खैरा माँ बा'दहा वा अ'उद्ज़ू बीका मिन सियारी हजील लैलाह वा स्यारी माँ बा'दहा वा आ'उद्ज़ू बीका मिनल कसली वा सुईल किबरी वा अ'ऊदज़ू बीका मइन 'आदजाबीन नारी वा 'अज्जाबिल कबरी'।-सब राज्य उनकर ह, आ सब स्तुति उनुके खातिर बा। उ सब काम करे में सर्वशक्तिमान बाड़े। हम तोहरा से एह रात के भलाई मांगत बानी, आ ओकरा बाद आवे वाला भलाई खातिर, आ हम तोहरा से एह रात के बुराई आ ओकरा बाद आवे वाला बुराई से शरण लेत बानी आ आलस से, आ बुढ़ापा के खराब हालत से तोहरा से शरण लेत बानी, आ आग के यातना आ कब्र के यातना से तोहरा से शरण लेत बानी-। आ अगर सबेरे ऊ ई बात कहले रहले आ इहो कहले रहले कि: 'अशबहना वा अशबहल मूलकु लिल्लाही वाल हमदू लिल्लाह'. -आज सबेरे हमनी के आ पूरा राज्य अल्लाह के बानी जा, आ सब तारीफ अल्लाह के बा-। अबू ईसा कहले कि; ई हदीस हसन के प्रामाणिक हदीस ह, आ [स्यूबाह] द्वारा [इब्न मसूद] से एह सनाद के साथ रिवायत कइल गइल बा आ ऊ एकर व्याख्या ना कइले बाड़न।