हदीस
Memanjangkan dua rakaat pertama dan meringankan dua rakaat terakhir
Imam Nasa'i : 992أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو عَوْنٍ قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ سَمُرَةَ يَقُولُقَالَ عُمَرُ لِسَعْدٍ قَدْ شَكَاكَ النَّاسُ فِي كُلِّ شَيْءٍ حَتَّى فِي الصَّلَاةِ فَقَالَ سَعْدٌ أَتَّئِدُ فِي الْأُولَيَيْنِ وَأَحْذِفُ فِي الْأُخْرَيَيْنِ وَمَا آلُو مَا اقْتَدَيْتُ بِهِ مِنْ صَلَاةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَقَالَ ذَاكَ الظَّنُّ بِكَ
हमनी के [अमर बिन अली] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन सईद] उ कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [शुबाह] उ कहले बाड़े; हमरा [अबू 'आउन] से कहले कि उ कहले; 'हम [जाबिर बिन समुरा] के उनुका के कहत सुनले बानी; उमर साआद से कहले कि जनता - कुफा के लोग - तोहरा से हर बात के शिकायत करेला, इहाँ तक कि नमाज के भी! ' [सा'द] कहले बाड़न; 'हम जल्दबाजी ना कइनी - बहुत समय लागल - पहिला दू रकाआ में आ आखिरी दू रका' में हल्का कर दिहनी।' हम जवना नमाज के नकल करेनी ओकरा के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नमाज से कम ना करेनी। उमर कहले कि; "रउरा पर इहे आरोप बा."