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Mata yang begadang di jalan Allah diharamkan bagi neraka
Imam Nasa'i : 3066أَخْبَرَنَا عِصْمَةُ بْنُ الْفَضْلِ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ حُبَابٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ شُرَيْحٍ قَالَ سَمِعْتُ مُحَمَّدَ بْنَ شُمَيْرٍ الرُّعَيْنِيَّ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا عَلِيٍّ التُّجِيبِيَّ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا رَيْحَانَةَ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ حُرِّمَتْ عَيْنٌ عَلَى النَّارِ سَهِرَتْ فِي سَبِيلِ اللَّهِ
हमका ['इश्माह बिन अल फधल] सूचित कइके, उ कहिन; हमका [जैद बिन हुबाब] [अब्दुर रहमान बिन सूरैह] से बताइस है, उ कहिन; हम एक बार [मुहम्मद बिन सुमैर अर रुआइनी] का कहत सुने रहेन; हम एक बार [अबू अली अत तुजीबी] का सुनेन कि उ [अबू रैहाना] का कहत सुने रहेन; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'अल्लाह के राह मा देर तक जागत आँखिन का नरक के लिए मना कीन जात है'।