Hadith Representative
Perumpamaan shalat lima waktu sehari semalam seperti mandi lima kali sehari semalam
Imam Bukhari : 1345حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَيُّكُمْ يَحْفَظُ حَدِيثَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْفِتْنَةِ قَالَ قُلْتُ أَنَا أَحْفَظُهُ كَمَا قَالَ قَالَ إِنَّكَ عَلَيْهِ لَجَرِيءٌ فَكَيْفَ قَالَ قُلْتُ فِتْنَةُ الرَّجُلِ فِي أَهْلِهِ وَوَلَدِهِ وَجَارِهِ تُكَفِّرُهَا الصَّلَاةُ وَالصَّدَقَةُ وَالْمَعْرُوفُ قَالَ سُلَيْمَانُ قَدْ كَانَ يَقُولُ الصَّلَاةُ وَالصَّدَقَةُ وَالْأَمْرُ بِالْمَعْرُوفِ وَالنَّهْيُ عَنْ الْمُنْكَرِ قَالَ لَيْسَ هَذِهِ أُرِيدُ وَلَكِنِّي أُرِيدُ الَّتِي تَمُوجُ كَمَوْجِ الْبَحْرِ قَالَ قُلْتُ لَيْسَ عَلَيْكَ بِهَا يَا أَمِيرَ الْمُؤْمِنِينَ بَأْسٌ بَيْنَكَ وَبَيْنَهَا بَابٌ مُغْلَقٌ قَالَ فَيُكْسَرُ الْبَابُ أَوْ يُفْتَحُ قَالَ قُلْتُ لَا بَلْ يُكْسَرُ قَالَ فَإِنَّهُ إِذَا كُسِرَ لَمْ يُغْلَقْ أَبَدًا قَالَ قُلْتُ أَجَلْ فَهِبْنَا أَنْ نَسْأَلَهُ مَنْ الْبَابُ فَقُلْنَا لِمَسْرُوقٍ سَلْهُ قَالَ فَسَأَلَهُ فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ قُلْنَا فَعَلِمَ عُمَرُ مَنْ تَعْنِي قَالَ نَعَمْ كَمَا أَنَّ دُونَ غَدٍ لَيْلَةً وَذَلِكَ أَنِّي حَدَّثْتُهُ حَدِيثًا لَيْسَ بِالْأَغَالِيطِ
हमरा सब के कहलक अछि [कुतैबा] हमरा सब के [जरीर] के [अल अ'मासी] स [अबू वईल] स [हुदजाइफा रडियाल्लाहु अनहु] स कहलक अछि; एक दिन उमर रदीअल्लाहु अनहु कहलनि जे, अहाँ मे सँ के एखनो नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम केर निंदा के मुद्दा के संबंध मे हदीस रटैत अछि? हुदजाइफा कहलनि: 'ओ जे कहलनि से हम एखनो रटैत छी'। उमर कहलथिन्ह - ओहि समय अहाँ हुनका संग छलहुँ वा मात्र हुनकर बात सुनलहुँ ? आ की कहलक ?'. हम कहलियनि: 'से त' ओकर परिवार, सम्पत्ति, बच्चा आ पड़ोसी मे ककरो निन्दा थिक। निंदा दुआ स मेटा जायत, शौम। सदाकह आ नीक करब -म'रुफ-'। कहलक, सुलेमान; 'ओ प्रार्थना कहलक, शौम।' सदकाह आ अमर म'रुफ आ नहि मुनकर'। तखन उमर बजलाह - हमरा से नहि चाही । मुदा जे निंदा पसरैत अछि से समुद्रक उमड़ैत पानि जकाँ अछि । हुधयफह बजलाह - तखन कोनो बात नहि, अहाँक कोनो फर्क नहि पड़ैत अछि हे आस्थावानक सेनापति । सचमुच, अहाँ आ निंदाक बीच एकटा बंद दरबज्जा अछि।' 'उमर पुछलखिन, 'ओ दरबज्जा तोड़य पड़त वा तुरन्त खोलल जा सकैत अछि?' हुधयफह कहलकै, 'नहि, मुदा ई एकटा एहन दरबज्जा अछि जकरा तोड़ि देब' पड़त।' 'उमर बजलाह - तखन जँ ओहि दरबज्जा केँ तोड़य पड़त त' ओ कहियो सदाक लेल बंद नहि होयत।' हम कहलियनि जे अहाँ जे कहलहुँ से सत्य अछि । तेँ हमरा सभकेँ ओहि दरबज्जाक अर्थ हुनकासँ पूछबाक लेल आमंत्रित करू।' तेँ हम मसरुककेँ कहलियनि - पूछू ! ओ कहलनि, 'त' ओ कहलनि, हुनका सँ।' तखन उमर रदलियाल्लाहु अनहु कहलनि,। ओ कहलनि, 'त हम सब कहलियनि, 'की उमर बुझैत छथि जे एहि सँ केकर मतलब अछि?' हुधयफह बजलाह - हँ, ओ बुझैत छथि । जेना हुनका बुझल छलनि जे काल्हिक बाद राति अवश्य हेतैक । आ से एहि लेल जे हम हुनका एकटा हदीस कहलियनि जे निर्विवाद छल।